अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (12 सितंबर, 2025) को कहा कि रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर टैरिफ (शुल्क) लगाना आसान काम नहीं है. यह कदम भारत के साथ दरार पैदा करता है.
डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (12 सितंबर) को फॉक्स एंड फ्रेंड्स को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘देखिए, भारत उनका (रूसी तेल का) सबसे बड़ा ग्राहक है. मैंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया, क्योंकि वे रूस से कच्चा तेल खरीद रहे हैं. यह कोई आसान काम नहीं है. यह एक बड़ी बात है और इससे भारत के साथ अमेरिका के रिश्तों में दरार पैदा होती है.’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह जवाब तब दिया जब उनसे पूछा गया था कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर शिकंजा कसने का क्या मतलब है?
उन्होंने कहा, ‘लेकिन मैं यह पहले ही कर चुका हूं. मैंने बहुत कुछ किया है और याद रखें कि यह हमारी समस्या से काफी ज्यादा पूरे यूरोप की समस्या है.’
ट्रंप ने सात संघर्षों को सुलझाने का किया दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान अपने इस दावे को भी फिर से दोहराया कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान अब तक कुल सात वैश्विक संघर्षों को सुलझाया है.
उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान अब तक कुल सात संघर्ष सुलझाए हैं. मैंने कई संघर्ष सुलझाए, जिनमें पाकिस्तान और भारत भी शामिल हैं, साथ ही बड़े संघर्ष, जिनमें से कुछ अनसुलझे थे, जैसे कांगो और रवांडा. मैंने उन्हें सुलझाया. यह 31 सालों से चल रहा था. इस संघर्ष में लाखों लोग मारे गए. मैंने ऐसे संघर्ष सुलझाए जो लंबे वक्त से अनसुलझे थे.’
रूसी तेल की खरीद पर क्या कहता है भारत?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस से लगातार कच्चे तेल की खरीद का बचाव करते हुए भारत यह कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार की गतिशीलता से प्रेरित है.
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