अमेरिका के टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने राज्य में इस्लामिक शरिया कानून को लागू करने पर पाबंदी लगा दी. गवर्नर ग्रेग एबॉट ने टेक्सास के नागरिकों से अपील की है कि अगर कोई किसी व्यक्ति या व्यापार पर शरिया कानून को थोपने की कोशिश करता है, तो उसकी तुरंत रिपोर्ट करें.
ग्रेग एबॉट का यह बयान ह्यूस्टन से सामने आए एक वायरल वीडिय के बाद आई. वायरल वीडियो में एक मुस्लिम मौलवी लाउडस्पीकर पर बोलते हुए स्थानीय दुकानदारों से शराब, सुअर का मांस और लॉटरी टिकट न बेचने की अपील कर रहा था.
वायरल वीडियो को लेकर क्या बोले ग्रेग एबॉट?
टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने इस घटना को उत्पीड़न करार दिया और कहा कि टेक्सास लोगों के सार्वजनिक जीवन में किसी तरह के धार्मिक नियम को थोपने की अनुमति कभी नहीं देगा. एबॉट ने पिछले हफ्ते मंगलवार (9 सितंबर, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘मैंने कुछ ऐसे कानूनों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो टेक्सास में शरिया कानून और शरिया कम्पाउंड्स पर पाबंदी लगाते हैं. किसी भी व्यावसाय या शख्स को ऐसे बेवकूफों से डरना नहीं चाहिए.’
I signed laws that BAN Sharia Law and Sharia Compounds in Texas.
No business & no individual should fear fools like this.
If this person, or ANYONE, attempts to impose Sharia compliance, report it to local law enforcement or the Texas Dept. of Public Safety. https://t.co/cVV2MJItLH
— Greg Abbott (@GregAbbott_TX) September 8, 2025
उन्होंने कहा, ‘अगर ये व्यक्ति या कोई और शरिया के नियमों को थोपने की कोशिश करता है, तो आप सीधे इसकी रिपोर्ट स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों या टेक्सास डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक सेफ्टी से करें.’
औपचारिक रूप से शरिया पर नहीं लगी पाबंदी
हालांकि, टेक्सास में शरिया पर औपचारिक रूप से कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है, लेकिन साल 2017 के अमेरिकन लॉज फोर अमेरिकन कोर्ट्स (ALAC) बिल अदालतों को किसी भी ऐसे विदेशी या धार्मिक कानून को लागू करने से रोकता है, अगर वह अमेरिका के कानून का किसी भी तरह से विरोध करता है, जिसमें शरिया कानून भी शामिल है.
मुस्लिम समूहों ने की गवर्नर के आदेश की आलोचना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी और रिपब्लिकन नेता ग्रेग एबॉट की ओर से टेक्सास में शरिया कानून पर पाबंदी लगाए जाने के बाद काउंसिल ऑफ अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशन्स (CAIR) समेत कई मुस्लिम अधिकारों की वकालत करने वाले समूहों ने एबॉट के बयानों की निंदा की है. उन्होंने ग्रेग के बयानों को भ्रामक तक करार दिया और कहा कि शरिया कानून व्यक्तिगत धार्मिक आचरण से जुड़ा है, न कि सिविल कानून से.
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