श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर सेब के ट्रकों को रोके जाने और कश्मीर घाटी में सेब किसानों और व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार इसका रखरखाव नहीं कर सकती, तो उसे यह राजमार्ग जम्मू-कश्मीर सरकार को सौंप देना चाहिए.
श्रीनगर में एक समारोह के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, ”अगर पिछले बीस दिनों से बार-बार आश्वासन देने के बाद भी केंद्र सरकार इसे बहाल नहीं कर पा रही है, तो उसे श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग को जम्मू-कश्मीर सरकार को सौंप देना चाहिए. राजमार्ग भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है. मैं यहाँ मौजूद इंजीनियरों की एक टीम तैनात करूंगा.”
उमर ने कहा कि वे सड़क को पूरी तरह से चालू करने में विफल रहे हैं. उन्होंने कहा, “बस, बहुत हो गया. हम धैर्य बनाए हुए हैं क्योंकि वे हमें रोज़ाना आश्वासन देते रहे कि (बहाली) काम किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.”
नितिन गडकरी से करेंगे बात- सीएम
उन्होंने कहा कि वह राजमार्ग की बहाली का मामला केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष उठाएंगे. उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मैं आज केंद्रीय राजमार्ग मंत्री गडकरी से बात करूंगा और अनुरोध करूंगा कि राजमार्ग हमें सौंप दिया जाए और ट्रकों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया जाए.”
खराब हाईवे की वजह से परेशानी
उन्होंने कहा कि सिर्फ एक ट्रेन चलाना पर्याप्त नहीं है. उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मैं रेल मंत्री से अनुरोध करूंगा कि एक ट्रेन पर्याप्त नहीं है. ट्रेन सेवा शुरू करने के लिए हम आपके आभारी हैं. इसे नियमित रूप से चलाया जाना चाहिए ताकि फल उत्पादकों के पास सेबों को ट्रेन या सड़क मार्ग से ले जाने का विकल्प हो.”
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से काफी खराब हो चुके हैं. हाईवे से छोटी गाड़ियां तो गुजर रही है लेकिन ट्रकों के लिए मुश्किलें खड़ी है. अधिकारियों का कहना है कि फलों के मौसम में सामान्य दिनों में करीब 10,000 वाहन, जिनमें 1000 सेब के ट्रक शामिल हैं, राजमार्ग पर चलते हैं. लेकिन सड़क की मौजूदा स्थिति के कारण केवल 700 से 1000 वाहन ही गुज़र पा रहे हैं.
Source link
Discover more from Reelpedia
Subscribe to get the latest posts sent to your email.