मालेगांव ब्लास्ट केस 2008 मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने साफ किया कि सत्र न्यायालय के फैसले को कोई भी चुनौती नहीं दे सकता. मालेगांव विस्फोट केस में एनआईए के की विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि विस्फोट में मारे गए लोगों के परिजनों की गवाही अगर दर्ज की गई है तो उसका विवरण अदालत को उपलब्ध कराया जाए. बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित मामले में बरी हुए थे. अगली सुनवाई बुधवार को होगी.
मुख्य न्यायमूर्ति चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई. मालेगांव विस्फोट के सातों आरोपियों को विशेष एनआईए कोर्ट ने बरी किया था. इस फैसले को विस्फोट में मारे गए छह लोगों के परिजनों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है.
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