अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (16 सितंबर) को द न्यूयॉर्क टाइम्स के खिलाफ 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का मानहानि मुकदमा दायर किया है. ट्रंप का आरोप है कि अखबार ने दशकों से उनके खिलाफ झूठी और भ्रामक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें दिवंगत अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े आरोप भी शामिल हैं.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि अखबार ने उनके परिवार, बिजनेस, अमेरिका फर्स्ट मूवमेंट और MAGA कैंपेन के खिलाफ लंबे समय से झूठ फैलाया है. उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को ‘रैडिकल लेफ्ट डेमोक्रेट पार्टी का पिछलग्गू’ करार दिया और कहा कि अब इस ‘कभी सम्मानित रहे’ अखबार को जिम्मेदार ठहराने का समय आ गया है. ट्रंप ने ये भी कहा कि मुकदमा फ्लोरिडा में दायर किया जाएगा.
पहले भी मीडिया संस्थानों पर कर चुके हैं मुकदमा
ट्रंप ने दावा किया कि वे पहले भी ABC/Disney, CBS/Paramount जैसे नेटवर्क पर मानहानि के मुकदमे जीत चुके हैं. उनका कहना है कि मीडिया को झूठ फैलाने और उन्हें बदनाम करने की छूट नहीं दी जा सकती.
एपस्टीन केस से जुड़ा विवाद
हाल ही में एक हाउस कमेटी को एपस्टीन की संपत्ति से कुछ दस्तावेज मिले थे, जिनमें ट्रंप को उनके 50वें जन्मदिन पर भेजे गए कथित पत्र और तस्वीरें शामिल थीं. इसमें एक महिला का स्केच और उस पर लिखा नोट भी था, जिस पर ट्रंप का नाम और हस्ताक्षर बताए जाते हैं. हालांकि, ट्रंप ने इन दस्तावेजों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने एपस्टीन से बहुत पहले ही संबंध खत्म कर लिए थे और ये पत्र उनके नहीं हैं.
पहले भी वॉल स्ट्रीट जर्नल पर केस
ट्रंप इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल और उसके मालिक रुपर्ट मर्डोक पर भी एपस्टीन फाइलों से संबंधित रिपोर्टिंग को लेकर मुकदमा कर चुके हैं.
एपस्टीन स्कैंडल की गूंज
एपस्टीन का यह स्कैंडल अमेरिका से बाहर भी गूंज चुका है. इसके चलते ब्रिटेन ने वाशिंगटन में अपने राजदूत को वापस बुला लिया था. साल 2019 में एपस्टीन की मौत न्यूयॉर्क की जेल में हुई थी, जबकि उनकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल इस मामले में जेल की सजा काट रही हैं.
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