गोरखपुर में गोकशी करने वालों के द्वारा युवक की हत्या के मामले में अब बड़ी कार्रवाई हुई है. इस घटना में लापरवाही बरतने वाले पिपराइच थाने की स्थानीय चौकी के सभी पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं. एसएसपी गोरखपुर ने जंगल दूषण चौकी में तैनात सभी पुलिस कर्मी सस्पेंड किए हैं. गोरखपुर में गो तस्करों के द्वारा युवक की बेरहमी से की गई हत्या के बाद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश गोरखपुर पहुंचे.
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने गोरखपुर में ऑपरेशन गोकशी की कमान संभाली और STF की गोरखपुर यूनिट के साथ गोरखपुर पुलिस की पांच टीम लगाई गईं. इस घटना को अंजाम देने वाले गोकशी गैंग के बदमाशों की धड़पकड़ तेज हुई.
बता दें कि गोरखपुर में पशु तस्करों के हमले में मारे गए 19 साल के दीपक गुप्ता का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. पुलिस का दावा है कि दीपक को गोली नहीं लगी है, बल्कि उसकी मौत सिर पर चोट लगने से हुई है. हालांकि abp से बात करते हुए दीपक का परिवार पुलिस के दावे को गलत करार देते हुए गोली लगने को बात पर अड़ा है. दीपक गुप्ता के परिवार का दावा है कि पशु तस्करों ने उसे मुंह में गोली मारी है. दीपक की मां सीमा गुप्ता और चाचा विजेंद्र गुप्ता, पिता दुर्गेश गुप्ता और छोटा भाई प्रिंस गुप्ता ने भी एबीपी से बात की.
दीपक की मां का कहना है कि वो प्रशासन की कार्रवाई से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं, उन्होंने दावा किया कि गोली ना लगने की पुलिस की बात झूठी है. दीपक गुप्ता के चाचा विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि वो कल रात दीपक के साथ थे. दो गाड़ियों से आए पशु तस्करों ने शोर करने पर उनके ऊपर पिस्टल सटा दी. वो भागकर नहर की तरफ चले गए, उनकी एक गाड़ी कीचड़ में फंस गई तो इसके बाद वो दीपक को लेकर दूसरी गाड़ी से भाग गए।. लगभग दो घंटे बाद घटनास्थल से क़रीब 7 किलोमीटर दूर उसका शव बरामद हुआ.
Source link
Discover more from Reelpedia
Subscribe to get the latest posts sent to your email.