मोक्ष और ज्ञान की भूमि गयाजी में देश के प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी शुक्रवार को विशेष विमान से गया अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे. एयरपोर्ट से सीधे वो विष्णुपद मंदिर गए और विष्णुपद मंदिर में अपने पुर्वजों का पिंडदान किया. इस दौरान जिला प्रशासन के जरिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.
पिंडदान में मौजूद रहे मुकेश अंबानी के बेटे अनंत
पिंडदान के लिए मंदिर परिसर में ही घेरा बनाया गया है. मुकेश अंबानी ने अपने बेटे अनंत अंबानी के साथ विष्णुपद मंदिर परिसर में ही पिंडदान किया, इसके बाद फल्गु नदी में तर्पण किया. गयापाल पुरोहित सह श्री विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभू लाल विट्ठल ने वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ कर्मकांड संपन्न कराया.
#WATCH | Bihar | Chairman & Managing Director of Reliance Industries Limited, Mukesh Ambani, along with his son Anant Ambani, offered special prayers to his ancestors in Gaya today pic.twitter.com/S379oZKlg4
— ANI (@ANI) September 19, 2025
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी अपने बेटे अनंत अंबानी के साथ विशेष विमान से गयाजी पहुंचे थे. अपने पितरों का उद्धार और मोक्ष की कामना को लेकर दोनों ने पिंडदान, तर्पण और कर्मकांड को पूरा किया. कर्मकांड करने के बाद वह लोग विशेष विमान से मुंबई के लिए रवाना होंगे.
वहीं उनके आगमन के पूर्व विष्णुपद मंदिर परिसर में जिला प्रशासन के जरिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई. इस दौरान आम नागरिकों के लिए आवागमन को बंद कर दिया गया था. प्रशासन की ओर से सख्त सुरक्षा के बीच पिंडदान करने की व्यस्था की गई थी.
पितृपक्ष को लेकर धार्मिक ग्रंथों में क्या है मान्यता?
धार्मिक ग्रंथों में ऐसी मान्यता है कि पितृपक्ष मेला अवधि के दौरान पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध कार्य गया जी में करने से पितरों का उद्धार और मोक्ष की प्राप्ति होती है. यही कारण है कि इस अवधि में देश विदेश से लाखो की संख्या में हिन्दू सनातन धर्मावलंबी यहां आते है।ग्रंथों में वर्णित है कि त्रेता युग में भगवान श्री राम और सीता ने भी पिंडदान किया था.
ये भी पढ़ें: PHOTOS: रौशनी से जगमगा उठा गयाजी का विष्णुपद मंदिर, मनाई गई पितृ दीपावली, तस्वीरों में देखें आर्कषक रंगोली
Source link
Discover more from Reelpedia
Subscribe to get the latest posts sent to your email.