महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण आठ लोगों की जानें गई हैं. इसमें लातूर ज़िले में 3, धाराशिव में 1, बीड में 2 और नांदेड में 1 व्यक्ति की मृत्यु हुई है.
मराठवाड़ा में कुल 150 पशुओं की मौत हुई. इसमें संभाजीनगर ज़िले में 5, जालना में 15, परभणी में 6, हिंगोली में 6, नांदेड में 9, बीड में 63, लातूर में 7 और धाराशिव ज़िले में 21 पशुओं की जानें गई है.
मराठवाड़ा में कुल 76 जगहों पर निजी और सार्वजनिक संपत्तियों का नुकसान हुआ है. 6 जगह सड़कें बह गईं. 5 जगह पुल बह गए. 327 पक्के मकान गिर गए. 2 स्कूलें ढह गईं. 4 जगह तालाब टूट गए.
67 गांवों से संपर्क टूटा
मराठवाड़ा में कुल 67 गांवों का संपर्क अब भी टूटा हुआ है. छत्रपति संभाजीनगर ज़िले में 11 गांव, जालना में 2 गांव, परभणी में 30 और लातूर में 20 गांव का संपर्क टूटा है.
बाढ़ में फिलहाल फंसे लोगों की संख्या 214 है. जिनमें जालना – 35, बीड – 29 और धाराशिव – 150 नागरिक शामिल हैं.
मराठवाड़ा में 548 लोगों को सुरक्षित स्थलों पर ले जाया गया. जिनमें जालना – 90, बीड – 442 और धाराशिव – 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
सेना की टुकड़ी तैनात
परभणी, बीड और धाराशिव इन तीनों ज़िलों में सेना की एक-एक टुकड़ी तैनात की गई है. धाराशिव ज़िले में सेना बचाव कार्य कर रही है, जबकि परभणी और बीड में सेना कुछ समय में पहुंचेगी.
एनडीआरएफ भी इन तीनों ज़िलों में सक्रिय है और राहत व बचाव कार्य जारी है. धाराशिव ज़िले के वाघेगव्हाण गांव में 150 लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं. उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए एनडीआरएफ और सेना लगातार प्रयास कर रही है.
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Ongoing #FloodRelief Operations at Lakhi Village, Dharashiv District, #Maharashtra.
Torrential rains over the past two days inundated the area, leaving 12 people stranded on the rooftop of a structurally weak house.
On… pic.twitter.com/59Pv6W1mRP
— Southern Command INDIAN ARMY (@IaSouthern) September 22, 2025
इस खरीफ सीजन में लगभग 1,200 मंडलों में अतिवृष्टि हुई है. कई मंडलों में दो-दो, तीन-तीन बार अतिवृष्टि दर्ज की गई है.
17 सितंबर तक 18 लाख 27 हजार हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ था. जबकि 18 सितंबर से रविवार तक अतिरिक्त 4 लाख 91 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का नुकसान हुआ है.
अब तक जुलाई और अगस्त महीने के नुकसान की भरपाई के लिए 696 करोड़ रुपये की सहायता मिली है. जबकि 721 करोड़ रुपये की मांग के लिए संभागीय आयुक्त के माध्यम से प्रस्ताव भेजे गए हैं.
बीमा से मदद तो मिलेगी लेकिन तुरंत राहत नहीं मिलेगी. बताया गया है कि फसल कटाई के परीक्षण के बाद ही बीमा का पैसा मिलेगा.
देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?
कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सभी मंत्री बारिश से नुकसान ग्रस्त प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें. पिछले कुछ दिनों में राज्य में बड़े पैमाने पर बारिश हुई है. 995.5 मिमी बारिश दर्ज हुई है.
सीएम ने कहा कि किसानों के नुकसान का पंचनामा करने के आदेश दिए गए हैं. 1829 करोड़ जमा हो चुके हैं. 2215 करोड़ अगले आठ दिनों में जमा होंगे. काम रुका नहीं है. जैसे ही रिपोर्ट आती है, मदद देने का काम शुरू है. केंद्र सरकार ने हमें अग्रिम मदद दी है.केंद्र से मदद मिल रही है. वितरण शुरू हो चुका है.
देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ”दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में मदद देने के अधिकार जिलाधिकारी को दिए गए हैं. तुरंत मदद उपलब्ध कराने के लिए आदेश दिए हैं. ओला-वृष्टि और सूखे से हुए नुकसान की भरपाई हर तरीके से की जा रही है.”
एकनाथ शिंदे ने किया दौरा
उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और परिवहन मंत्री और धाराशिव ज़िले के पालकमंत्री प्रताप सरनाईक कल धाराशिव जिले के दौरे पर जाएंगे. यहां बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेंगे. शिवसेना की ओर से 12,500 परिवारों को जीवनावश्यक वस्तुओं का वितरण किया जाएगा.
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों में मराठवाड़ा, विदर्भ, पश्चिम महाराष्ट्र, कोकण और उत्तर महाराष्ट्र इन सभी हिस्सों में जोरदार बारिश की संभावना है और सभी जगह येलो अलर्ट घोषित किया गया है. विदर्भ के गड़चिरौली, वाशिम, वर्धा, चंद्रपुर, बुलढाणा और यवतमाल इन छह जिलों में मंगलवार को अत्यधिक मूसलधार बारिश की संभावना जताई गई है.
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