रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अक्सर यह सवाल उठता रहा है कि क्या भारत इस संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है. इस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि भारत ज्यादातर यूक्रेन के पक्ष में है और किसी भी तरह से युद्ध को बढ़ावा नहीं दे रहा.
जेलेंस्की ने बताया कि ऊर्जा के क्षेत्र में कुछ समस्याएं हैं, लेकिन उन्हें हल किया जा सकता है. उन्होंने कहा, “हमारे पास ऊर्जा से जुड़े मुद्दे हैं, लेकिन उनका समाधान किया जा सकता है. इंडिया हमारे साथ खड़ा है और यूरोप को भी भारत के साथ मजबूत संबंध बनाने चाहिए.”
जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से की ये अपील
उन्होंने यूरोपीय देशों से आग्रह किया कि वे भारत के साथ सहयोग और रिश्तों को और मजबूत करें. जेलेंस्की ने कहा कि हमें भारतीय सहयोगियों से दूरी नहीं बनानी चाहिए क्योंकि वे इस संघर्ष में यूक्रेन के साथ हैं. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार जारी है और वैश्विक स्तर पर इसके असर महसूस किए जा रहे हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने दिए ये संकेत
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना दोनों पक्षों के लिए लाभकारी होगा. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग, विशेषकर यूरोप और भारत के बीच साझेदारी, ऊर्जा संकट और युद्ध से जुड़ी चुनौतियों के समाधान में मदद कर सकती है.
2022 में शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध
रूस-यूक्रेन युद्ध 2022 में शुरू हुआ, जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया. इसमें बहुत लोग घायल और मारे गए. यूरोप और अमेरिका ने रूस पर आर्थिक और ऊर्जा प्रतिबंध लगाए. यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय मदद से अपनी रक्षा की और रूस कब्जे वाले इलाकों पर नियंत्रण बनाए रखना चाहता है. इस युद्ध का दुनिया की ऊर्जा, खाद्य और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है.
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