गुजरात के सूरत जिले में रेप के दोषी आसाराम की आरती करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, सूरज के नए सिविल अस्पताल में कुछ अज्ञात लोग आए और आसाराम की तस्वीर लगाकर अचानक आरती करने लगे. विवाद तब गहरा गया जब पीडियाट्रिक्स डिपार्टमेंट की हेड डॉ. जिगीषा पटोडिया भी वहां मौजूद दिखाई दीं.
न्यू सिविल अस्पताल, जिसे लोग ‘आशीर्वाद स्थान’ के नाम से भी जानते हैं, में मंगलवार (23 सितंबर) की शाम आसाराम के भक्तों के एक समूह ने उसकी तस्वीर लगाकर आरती का आयोजन किया. आरती के दौरान मंत्र और भजन के बीच अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी मौजूद दिखे. स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया है.
आजीवन कारावास की सजा काट रहा आसाराम
मालूम हो, आसाराम को साल 2018 में जयपुर कोर्ट ने 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसके बाद साल 2023 में गांधीनगर कोर्ट ने सूरत की एक महिला से रेप मामले में भी उसे आजीवन कारावास की सजा दी थी.
केवल फल बांटने की थी अनुमति
इस मामले पर आरएमओ डॉ. केतन नायक का बयान आया है. वह इस घटना के दौरान अस्पताल से बाहर थे. उन्होंने बताया कि अस्पताल में केवल फल बांटने की अनुमति मांगी गई थी. इस मामले में जिम्मेदार सिक्योरिटी गार्ड को निलंबित कर दिया गया है.
अस्पताल प्रबंधन का आया जवाब
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही न्यू सिविल अस्पताल प्रशासन हरकत में आया. आरएमओ केतन नायक ने इस घटना को गंभीर बताया है. उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन किसी भी प्रकार से इस हरकत का समर्थन नहीं करते. फल वितरण की अनुमति के बहाने फोटो लगाकर पूजा और आरती की गई, जो बिल्कुल भी उचित नहीं है.
अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि डॉ. जिगीषा पाटडिया भी केवल इसलिए मौजूद थीं क्योंकि नवरात्रि का पहला दिन था. इसलिए उन्होंने उपस्थिति दर्ज कराई थी.
Input By : Vaidya Gaurav Madhusuden
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