तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) की रैली में मची भगदड़ मामले में पुलिस ने पार्टी के जिला सचिव मथियाझागन को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने टीवीके के तीन नेताओं-मथियाझगन, बुशी आनंद और सीटीआर निर्मल कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.
पुलिस ने मथियाझगन समेत इन नेताओं को दी थी चेतावनी
तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर की रात को विजय की चुनावी रैली के दौरान मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 80 के करीब लोग घायल हुए थे. एफआईआर के मुताबिक पुलिस ने मथियाझगन, बुशी आनंद और सीटीआर निर्मल कुमार को चेतावनी दी थी कि भीड़ के कारण स्थिति बेकाबू हो रही है, जिससे दम घुटने और शारीरिक नुकसान का खतरा है. आरोप है कि टीवीके नेताओं ने कार्यकर्ताओं को ठीक से नियंत्रित नहीं किया, जिसके कारण स्थिति बेकाबू हो गई.
मृतकों के परिवारों को सरकार ने दिया मुआवजा
जिला कलेक्टर एम थंगावेल के अनुसार, इस घटना में 41 लोगों की मौत हुई, जिनमें 18 महिलाएं, 13 पुरुष, 5 लड़के और 5 लड़कियां शामिल हैं. मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिवारों को सौंप दिए गए. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की. पीएम मोदी ने तमिलनाडु के करूर में राजनीतिक रैली के दौरान हुई दुखद घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को पीएम राहत कोष से 2 लाख रुपया मुआवजा देने की घोषणा की.
इस हादसे की विस्तृत जांच के लिए मुख्यमंत्री ने एक न्यायिक जांच आयोग गठित करने का भी आदेश दिया है. इस आयोग का नेतृत्व हाईकोर्ट की रिटायर जस्टिस अरुणा जगदीशन करेंगी. आयोग को घटना की पूर्ण जांच कर रिपोर्ट सरकार को सौंपने को कहा गया है.
एक्टर विजय पर लगे ये आरोप
एफआईआर में कहा गया है कि एक्टर विजय शाम 4:45 बजे करूर जिले की सीमा पर पहुंच गए थे, लेकिन रैली स्थल पर आने में जानबूझकर देरी की. इसमें कहा गया कि रोड शो के लिए तय गई शर्तों का पालन नहीं किया गया था, जिससे पुलिस को ट्रैफिक मैनेजमेंट में असुविधा हुई.
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