रूस के साथ युद्धविराम समझौते की अटकलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ‘कुछ समझौते’ करने के लिए तैयार हो गए हैं. जेलेंस्की ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ किसी भी बातचीत से पहले युद्धविराम की अपनी मांग पर ‘कुछ समझौतों’ के लिए तैयार हैं, बशर्ते यूक्रेन के लिए कुछ सुरक्षा गारंटी स्थापित हो.
यूक्रेनी राष्ट्रपति का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस ने अमेरिका के इस दावे का खंडन किया कि पुतिन और जेलेंस्की के बीच द्विपक्षीय बैठक की योजना चल रही है. यूक्रेन और यूरोप के कुछ सहयोगी देश लगातार युद्धविराम की मांग कर रहे हैं, जिसमें सुरक्षा गारंटी और भूमि विवाद जैसे मुद्दे शामिल हैं.
क्रेमलिन के साथ बातचीत से पहले ‘सुरक्षा गारंटी’ का इंतजार
जेलेंस्की ने कहा, ‘जो प्रारूप प्रस्तावित किया गया है, उसमें कुछ समझौते शामिल हैं. मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से कहा कि किसी भी स्थिति में, अगर हम वाकई इस योजना को गंभीरता से लेना चाहते हैं तो युद्ध समाप्त करने की पूरी योजना बनाने के लिए हमें शांति के एक दौर की जरूरत होगी.’
मीडिया से बातचीत के दौरान बुधवार (21 अगस्त, 2025) को यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन क्रेमलिन के साथ बातचीत की तारीख तय करने से पहले सात से दस दिनों के भीतर ‘सुरक्षा गारंटी ढांचे’ के स्थापित होने का इंतजार कर रहा है. इसी समझ से हमारा लक्ष्य एक त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करना है और ये मेरा तर्क है. ट्रंप के बयानों का जिक्र करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि ट्रंप, पुतिन और जेलेंस्की के बीच आखिर में एक बैठक होगी.
यूक्रेनी सेना को सुरक्षा गारंटी की जरूरत
हालांकि यूक्रेन, अमेरिका के साथ अमेरिकी हथियारों पर लगभग 90 अरब डॉलर खर्च कर सुरक्षा गारंटी के लिए तैयार हो गया है. जेलेंस्की ने कहा, ‘मेरा मानना है कि यह एक मजबूत हथियार समझौता किया गया है, जिसकी यूक्रेनी सेना को सुरक्षा गारंटी के हिस्से के रूप में जरूरत है.
वहीं रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार (20 अगस्त, 2025) को कहा कि क्रेमलिन ने इस्तांबुल में यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए उच्च-स्तरीय अधिकारियों को भेजने का प्रस्ताव रखा है. हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि रूस नेतृत्व स्तर पर बैठक का समर्थन करता है.
युद्धविराम की दिशा में कोई प्रगति नहीं
रूसी विदेश मंत्री ने तुर्की में हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि मास्को और कीव कैदियों की अदला-बदली पर सहमत हुए थे, लेकिन युद्धविराम की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई. लावरोव ने यह भी कहा कि मास्को के बिना यूक्रेन की सुरक्षा पर चर्चा करना ‘एक स्वप्नलोक और कहीं नहीं जाने वाला रास्ता’ है.
लावरोव ने आगे कहा, ‘अभी तक यूक्रेन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप की हमारे राष्ट्रपति से बातचीत के बाद, पुतिन ने न केवल वार्ताओं को जारी रखने का प्रस्ताव रखा, बल्कि प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों के स्तर को बढ़ाने पर भी विचार करने की बात कही.’
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