अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीति से दुनिया की राजनीति में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. एशिया की दो महाशक्ति भारत और चीन ट्रंप की टैरिफ की वजह से एक मंच पर खड़े हो गए हैं, जिसके बाद से अमेरिका के पूर्व अधिकारी और इकोनॉमिस्ट ने ट्रंप पर निशाना साधा है.
अमेरिका के बड़े अर्थशास्त्री ने टैरिफ नीति पर उठाए सवाल
ट्रंप के मुताबिक भारत रूस से तेल खरीदता है इसलिए उस पर एक्सट्रा टैरिफ लगाया गया है. हालांकि सच्चाई ये भी है कि चीन सबसे ज्यादा रूसी तेल चीन खरीदता है और उस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के तत्कालीन सलाहकार और टॉप इकोनॉमिस्ट स्टीव हैंके ने ट्रंप के टैरिफ की वजह से बदलते जियोपॉलिटिक्स पर कहा कि अभी तो ये बस शुरूआत है. उन्होंने कहा कि इसके नतीजे और ज्यादा गंभीर होने वाले हैं.
‘PM मोदी से हाथ मिलाकर पीठ में छुरा घोंप सकते हैं ट्रंप’
अमेरिकी इकोनॉमिस्ट स्टीव हैंके ने एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “ट्रंप जिस तरह भारत से दूर जा रहे और पाकिस्तान के करीब आ रहे यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए संकट पैदा कर सकता है.” उन्होंने कहा कि ट्रंप ऐसे इंसान हैं जो सुबह पीएम मोदी से हाथ मिला लेंगे और रात में उनकी पीठ में छूरी घोंप देंगे. हैंके ने दावा किया है कि अमेरिका मंदी के कगार पर है. स्टीव हैंके के अनुसार अमेरिका का पाकिस्तान के करीब जाना केवल भू-राजनीति है इसका इकोनॉमी से कोई मतलब नहीं है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए 50 फीसदी टैरिफ का उन्हीं की पार्टी की नेता और दक्षिण कैरोलिना की पूर्व गवर्नर निक्की हेली ने भी विरोध किया. हेली ने एक लेख के जरिए ट्रंप टैरिफ की खामियां गिनाई हैं. उन्होंने तर्क दिया है कि टैरिफ नीति से भारत-अमेरिका के वर्षों से चले आ रहे मजबूत संबंध प्रभावित होंगे. निक्की हेली ने कहा कि भारत पर टैरिफ लगाना और उसे कमजोर करने की कोशिश बड़ी गलती होगी.
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