कर्नाटक में धर्मस्थल विवाद को लेकर भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने शनिवार (23 अगस्त, 2025) को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह बेहद परेशान करने वाली बात है कि एक महीने से भी अधिक समय तक एक नकाबपोश व्यक्ति को पूरे कर्नाटक राज्य तंत्र को बंधक बनाए रखने की इजाजत दी गई.
अमित मालवीय ने आगे लिखा, ‘सिर्फ सनातन के महान स्तंभों में से एक, धर्मस्थल मंदिर को बदनाम करने के इरादे से ऐसा किया गया. यह कोई अकेली करतूत नहीं थी, बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी, जिसका पर्दाफाश होना बाकी है.’
धर्मस्थल को ‘कब्रिस्तान’ के रूप में किया पेश
उन्होंने कहा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अपनी हताशा में, बिना किसी सबूत के बेबुनियाद आरोपों को सही ठहरा दिया. सरकार ने एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित किया, 16 जगहों पर बेतरतीब खुदाई का आदेश दिया और बेशर्मी से उन्हें मंदिर से जुड़े ‘कब्रिस्तान’ के रूप में पेश किया.’
भाजपा नेता ने आगे लिखा कि इस धर्मस्थल पर हफ्तों की खुदाई के बाद उन्हें क्या मिला, एक पुरुष का कंकाल. एक और जगह पर, एक ऐसे व्यक्ति की हड्डियां मिली, जिसकी शायद आत्महत्या से मौत हुई थी, जो उन झूठे दावों से कोई मेल नहीं खाता है.
गलत आरोप के लिए एआई का किया गया इस्तेमाल
आरोपों पर हमला बोलते हुए अमित मालवीय ने कहा, ‘सुजाता भट्ट नाम की एक महिला को अपनी बेटी अनन्या भट्ट, जो कभी थी ही नहीं, के बारे में झूठी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर किया गया. अब उसने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उसकी अनन्या भट्ट नाम की कोई बेटी ही नहीं थी. साथ ही उसने बताया कि पेश की कई तस्वीर फर्जी थी, जिसे एआई की मदद से बनाया गया था, जबकि असली तस्वीर वसंती नाम की एक नर्स की थी.’
भाजपा नेता ने आगे कहा, ‘नकाबपोश व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है. बताया जा रहा है कि उसने कबूल किया है कि उसने यह सब 2 लाख रुपए की इनामी राशि के लिए किया था. सौजन्या मामले में अभियान के सरगना महेश शेट्टी थिमारोडी को इस हफ़्ते की शुरुआत में गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन असली साजिश अभी बाकी है.’
कांग्रेस सरकार की केस दबाने की कोशिश
उन्होंने कहा, ‘नकाबपोश व्यक्ति को किसने ये करने को कहा, उसे किसने पैसे दिए, धर्मस्थल को बदनाम करने से किसे फायदा हुआ, ये वो सवाल हैं, जिन्हें कांग्रेस सरकार दबाने के लिए बेताब है. 800 साल से भी ज्यादा सालों से धर्मस्थल आस्था और सेवा के प्रतीक के रूप में खड़ा रहा है.’
ट्विट करते हुए अमित मालवीय ने लिखा, ‘आज इसे इस्लामी प्रभाव और तटीय कर्नाटक के माफिया नेटवर्क का विरोध करने वाले हिंदू आधार होने की सजा मिल रही है. यह लगातार जारी हमला कांग्रेस के टूलकिट ऑपरेशन का नतीजा है. अनुमान है कि इसका मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि राहुल गांधी का एक करीबी विश्वासपात्र है.’
कर्नाटक सीएम पर भाजपा नेता का हमला
उन्होंने कहा, ‘एक पूर्व उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारी के रूप में दक्षिण कन्नड़ के सामाजिक ताने-बाने की अपनी जानकारी के आधार पर, वह हिंदू संस्थाओं पर एक सुनियोजित हमला कर रहा है. इसकी योजना स्पष्ट है, फर्जी मुद्दे गढ़ना, प्रशासनिक खामियों का फायदा उठाना, कट्टरपंथी तत्वों को तैनात करना और अल जजीरा जैसे मित्रवत माध्यमों की मदद से दुष्प्रचार का अंतर्राष्ट्रीयकरण करना.’
कर्नाटक सीएम पर हमला बोलते हुए अमित मालवीय ने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ मंत्री भी बेचैन हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी रणनीति और तेज कर दी है, क्योंकि आदेश शायद सीधे दिल्ली से आ रहे हैं. इनकी योजना हिंदू संस्थाओं को बदनाम करना, उनकी विश्वसनीयता को तोड़ना और हिंदू ताकत को कमजोर करना है, धर्मस्थल तो बस शुरुआत है.
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