रूस-यूक्रेन के बीच शांति वार्ता को लेकर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यूरोपीय देशों पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच चले रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रहे शांति वार्ता में पश्चिमी देश बाधा डाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि कूटनीतिक गतिविधियों के कारण वार्ता में रुकावट आती दिख रही है.
‘शांति वार्ता रोकने के बहाने तलाश रहे यूरोपीय देश’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाह रहे हैं कि जेलेंस्की और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक हो, लेकिन दोनों एक-दूसरे पर शांति वार्ता को सफल नहीं होने देने का आरोप लगा रहे हैं. रूसी विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि यूरोपीय देश शांति वार्ता को रोकने के लिए बस एक बहाने की तलाश में हैं.
‘पुतिन के साथ अड़ियल रवैया अपना रहे जेलेंस्की’
रूस की सरकारी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में लावरोव ने कहा, “यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ अड़ियल रवैया अपना रहे हैं. वे शर्तें रख रहे हैं और किसी भी कीमत पर तत्काल बैठक की मांग कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि पश्चिमी देश शांति वार्ता को विपल करने के प्रयास में सफल नहीं होंगे.”
यूक्रेन में किसी पश्चिमी नेता को नहीं करेंगे बर्दाश्त- रूस
जेलेंस्की ने पुतिन से मिलने की इच्छा जताई है, लेकिन ऐसा तभी होगा जब उनके सहयोगी (यूरोपीय देश) यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर सहमत हो जाएंगे. ताकि लड़ाई बंद होने के बाद भविष्य में रूसी हमलों को रोका जा सके. रूस का कहना है कि शांति वार्ता के लिए इस तरह की शर्तों को बाधा नहीं बनाया जा सकता है. रूस ने साफ किया है कि यूक्रेन में यूरोप के नेताओं की उपस्थिति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मॉस्को ने रविवार (24 अगस्त 2025) को यूक्रेन पर आरोप लगाया कि उसने रूस के पश्चिमी क्षेत्र कुर्स्क में स्थित एक परमाणु बिजली संयंत्र पर ड्रोन हमला किया. रूसी अधिकारियों के मुताबिक ड्रोन हमले से संयंत्र का ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुआ. यह हमला ऐसे समय में हुआ जब यूक्रेन अपनी स्वतंत्रता के 34 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा था.
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