साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. लोक मोर्चा के बैनर तले 10 राजनीतिक दलों ने बस्ती मंडल में एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा. इस सम्मेलन में सैंकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं का सैलाब उमड़ा. मुख्य वक्ता लोक मोर्चा के संयोजक और पूर्व मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी सरकार पर तीखे हमले किए और उसे हर मोर्चे पर पूरी तरह फेल करार दिया. स्वामी प्रसाद मौर्य ने यूपी बचाओ, बीजेपी हटाओ” का नारा दिया और 2027 में बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने का संकल्प दोहराया.
पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने देश के जाने माने संत अनिरुद्धाचार्य के लड़कियों को लेकर कई मर्दों से अवैध संबंध पर चरित्रहीन कहने के सवाल का तीखे अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं का हमेशा सम्मान सर्वोपरि रहा है. नारी शक्ति को देवियों के रूप में पूजा गया है, जिस तरह से संत नारियों पर टिप्पणी कर रहे है उसमें उन्हें सुधार करना चाहिए, धर्माचार्यों को अपने आचरण में बदलाव लाए और वे उनके इलाज टिप्पणी की घोर निंदा करते हैं.
उन्होंने कहा किसी भी नारी की स्वतंत्रता और आजादी का कोई संत ठेका नहीं ले रखा है, किसने अधिकार दिया इन धर्माचार्यों को. नारी भी किसी मां के पेट से पैदा हुई है, धर्माचार्यों की भी कोई बहन होगी और अगर वे इस तरह से नारी पर सवाल उठाएंगे तो उनका सम्मान कैसे होगा. हर मां और बहन को को संत शक की निगाह से देखेगा तो नारी का सम्मान कैसे होगा.
मुझे ब्राह्मण विरोधी बताना बीजेपी की साजिश- स्वामी प्रसाद मौर्य
इस दौरान पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ऊपर लगे रामचरितमानस विवाद और ब्राह्मण विरोधी होने के आरोपों पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने साफ किया कि उन्होंने किसी भी धर्मग्रंथ का विरोध नहीं किया, बल्कि केवल उन चौपाइयों का विरोध किया जो समाज के कुछ वर्गों का अपमान करती हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें “ब्राह्मण विरोधी” बताना बीजेपी की साजिश है. उन्होंने चुनौती दी कि अगर उन्होंने कभी गाली दी हो तो उसका सबूत दिखाया जाए. उन्होंने बीजेपी पर समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने और जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया.
बहन जी अपने पुराने मिशन पर लौट आ जाती है तो मैं भी उनके साथ- स्वामी प्रसाद मौर्य
लोक मोर्चा ने 2027 के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनका संकल्प बीजेपी को सत्ता से बेदखल कर एक लोकतांत्रिक सरकार बनाना है. उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार बनने पर राजनीति और नौकरियों दोनों में सभी वर्गों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी दी जाएगी. बीएसपी से अलग होने का कारण बताते हुए मौर्या ने कहा कि अगर बहन जी अपने पुराने मिशन पर लौट आ जाती है तो मैं भी उनके साथ मिलकर काम करूंगा. बाबा साहब मिशन और कांशीराम के सामाजिक परिवर्तन आंदोलन के रास्ते से हट गई इसलिए वे उनसे अलग हुए, मगर अब वे उस रास्ते पर लौटती है तो वो दोबारा उनके साथ आ जाएंगे.
स्वामी प्रसाद मौर्य ने RSS पर भी की टिप्पणी
राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) पर टिप्पणी करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से RSS का बखान किया मगर देश की आजादी की लड़ाई में इस संस्था का कोई योगदान नहीं था. जिस संगठन ने 75 साल तक अपने कार्यालय पर तिरंगा झंडा फहराने से परहेज करती रही वो राष्ट्रवादी कैसे हो गया. पीएम मोदी ने लालकिले से RSS का गुणगान करके वो तिरंगे और देश का अपमान था. वही संविधान निर्माता डॉक्टर भीम राव आंबेडकर को लेकर कहा कि जिसे भी संविधान लिखने के लिए बुलाया गया था वो सभी बीमारी और अन्य किसी न किसी बहाने किनारे हो गए थे. इसलिए बाबा को अकेले संविधान लिखना पड़ा और आम चर्चा होने के बाद ही बाबा साहब का संविधान को लागू किया था.
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