केरल के प्रसिद्ध गुरुवायुर मंदिर में गुरुवायुर देवस्वोम ने मंगलवार (26 अगस्त, 2025) को शुद्धिकरण अनुष्ठान करने का फैसला किया है. यह फैसला उन खबरों के बाद लिया गया है, जिनमें कहा गया था कि व्लॉगर और एक रियलिटी शो की पूर्व प्रतियोगी जैस्मीन जाफर ने रील बनाते समय मंदिर के तालाब में पैर धोए थे.
देवस्वोम के प्रशासक ओबी अरुण कुमार ने कहा कि 20 अगस्त से शुरू होने वाले सभी अनुष्ठान मंगलवार को किए जाएंगे. देवस्वोम ने मंदिर के तंत्री की सलाह पर यह फैसला लिया. जाफर ने कथित तौर पर 20 अगस्त को ही मंदिर के तालाब से फिल्म की रील शूट की थीं और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था.
‘मंदिर तालाब में प्रवेश गैर-हिंदुओं के लिए निषिद्ध’
बता दें कि मंदिर का तालाब गैर-हिंदुओं के लिए निषिद्ध क्षेत्र है और गुरुवायुर देवस्वोम ने उनके (जैस्मीन जाफर) के इस कृत्य को मंदिर की परंपराओं का उल्लंघन बताया है. इस पूरे मामले को लेकर व्यवस्थापक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर व्लॉगर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
केरल हाई कोर्ट ने मंदिर परिसर के आस-पास रील बनाने पर लगाई रोक
उन्होंने बताया कि मंदिर के आस-पास के इलाकों में शादी-ब्याह से जुड़े समारोहों को छोड़कर वीडियो बनाने पर प्रतिबंध है. केरल उच्च न्यायालय ने मंदिर परिसर के आस-पास रील बनाने पर रोक लगा दी है. यह पूछे जाने पर कि क्या देवस्वोम जाफर से शुद्धिकरण अनुष्ठानों का खर्च वहन करने के लिए कहेगा, इस सवाल पर प्रशासक ने कहा कि शुरुआत में यह खर्च देवस्वोम के कोष से लिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि इसके बाद देवस्वोम कानून के अनुसार ही अगला कदम उठाया जाएगा. शुद्धिकरण अनुष्ठानों के मद्देनजर देवस्वोम ने मंगलवार को मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है.
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