भारतीय नौसेना को मंगलवार (26 अगस्त, 2025) को एक बड़ी ताकत मिली जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दो आधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट्स INS उदयगिरि और INS हिमगिरि को कमीशन किया. इस मौके पर उन्होंने अमेरिकी एफ-35 जेट का जिक्र करते हुए कहा – “एक देश के पास उड़ता हुआ एफ-35 है और आपने तैरता हुआ एफ-35 बना लिया है, वह भी मेड इन इंडिया.”
नौसेना को मिले ‘अजेय रक्षक’
राजनाथ सिंह ने कहा कि ये दोनों युद्धपोत पूरी तरह भारत में बनाए गए हैं और इनमें अत्याधुनिक हथियार और सेंसर सिस्टम लगाए गए हैं. उन्होंने बताया कि इनमें लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक वेपन, सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो लॉन्चर, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम और फायर-कंट्रोल सिस्टम लगे हैं. ये युद्धपोत समुद्र के “अजेय रक्षक” साबित होंगे.
प्रोजेक्ट 17ए की बड़ी उपलब्धि
INS उदयगिरि प्रोजेक्ट 17ए का दूसरा युद्धपोत है जिसे मुंबई की मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने बनाया है. वहीं INS हिमगिरि पहला पी-17ए वॉरशिप है जिसे कोलकाता की गार्डन रीच शिपबिल्डर्स ने तैयार किया. दोनों फ्रिगेट्स पुराने INS उदयगिरि (F35) और INS हिमगिरि (F34) के नाम पर रखे गए हैं, जो 30 साल से अधिक सेवा देने के बाद रिटायर हुए थे.
राजनाथ बोले- पुरानी सोच से नहीं चलेगा काम
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के दौर में युद्ध का स्वरूप लगातार बदल रहा है, इसलिए पुरानी सोच से काम नहीं चलेगा. हमें नई चुनौतियों का अंदाजा लगाकर नए समाधान ढूंढने होंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में शोध और विकास को प्राथमिकता दी है.
‘समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए तैयार भारत’- राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि भारत अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है और किसी भी परिस्थिति में तेज और निर्णायक प्रतिक्रिया देने को तैयार है. उन्होंने कहा कि इन दो नए वॉरशिप्स के शामिल होने से भारतीय नौसेना की ताकत और भी ज्यादा बढ़ गई है और अब वह असली ब्लू वॉटर नेवी बन चुकी है.
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