महाराष्ट्र के लातूर में 36 वर्ष के बाल विकास परियोजना अधिकारी ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में बैठने का अपना आखिरी मौका चूक जाने के कारण कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. इस मामले में पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि नांदेड़ के मुखेड़ तहसील के निवासी रामदास श्रीराम रविवार को यहां एक लॉज में मृत पाए गए.
UPSC में बैठने का अंतिम अवसर खोया
जानकारी के मुताबिक एक अधिकारी ने कहा, “श्रीराम ने अपने परिवार को बताया था कि वह ट्रेनिंग के लिए अमरावती जा रहा है, लेकिन यहां आकर उन्होंने एक लॉज में कमरा ले लिया. इसके बाद अदले दिन रविवार को जब उन्होंने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला, तो कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी. जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तब वह फंदे से लटके हुए मिले.”
एक अधिकारी ने बताया की उनके, “कमरे से बरामद सुसाइड नोट में अधिकारी ने लिखा था कि उन्होंने UPSC परीक्षा में बैठने का अंतिम अवसर खो दिया, जिससे वे गहरे अवसाद में थे और वे यह कठोर कदम उठाने को मजबूर हुए.
इस सुसाइड नोट में उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि उनकी मौत को मीडिया में न दिखाया जाए, ताकि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अन्य उम्मीदवारों का हौसला न टूटे.”
ग्रुप ‘बी’ के अधिकारी रूप में थे नियुक्त
इसके बाद पुलिस के मुताबिक, श्रीराम ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और उन्हें ग्रुप ‘बी’ बाल विकास परियोजना अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था.
अधिकारी ने कहा, “उन्होंने नागपुर में चार महीने का प्रशिक्षण पूरा किया था और हाल ही में उन्हें अमरावती में तैनाती का आदेश मिला था. हमने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस अब आगे की जांच कर रही है.”
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