अलास्का में यूएस आर्मी के साथ होने वाली साझा एक्सरसाइज से पहले भारतीय सेना, इजिप्ट (मिस्र) में होने वाली ब्राइट स्टार एक्सरसाइज में भी अमेरिकी सेना के साथ हाथ मिलाने जा रही है. गुरुवार (28 अगस्त, 2025) से भारत के 700 सैनिक मिस्र में होने जा रही इस मल्टीलेटरल एक्सरसाइज में हिस्सा ले रहे हैं.
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पहली बार ब्राइट स्टार एक्सरसाइज (28 अगस्त-10 सितंबर) में, सेना के तीनों अंग यानी थलसेना, वायुसेना और नौसेना हिस्सा ले रहे हैं. दो साल में एक बार होने वाले इस युद्धाभ्यास को इजिप्ट और अमेरिकी की सेंट्रल कमांड मिलकर आयोजित करते हैं. वर्ष 2023 में ब्राइट स्टार एक्सरसाइज में भारतीय वायुसेना ने हिस्सा लिया था.
सेंट्रल कमांड का एरिया ऑफ ऑपरेशन पाकिस्तान
अमेरिका की ये वही सेंट्रल कमांड है, जिसके फ्लोरिडा स्थित हेडक्वार्टर में हाल ही में, पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने दौरा किया था. सेंट्रल कमांड का एरिया ऑफ ऑपरेशन पाकिस्तान से लेकर खाड़ी और पूरा मिडिल-ईस्ट क्षेत्र है. इस सेंट्रल कमांड के पूर्व कमांडर जनरल एरिक कुरीला की आसिम मुनीर से नजदीकियों के चलते ही अमेरिका और पाकिस्तान एक बार फिर से साथ हो गए हैं.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन नजदीकियों के चलते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का झुकाव पाकिस्तान की तरफ दिखाई पड़ा था. यही वजह है कि भारत के एक बड़े सैन्य टुकड़ी के साथ ब्राइट स्टार में शिरकत बेहद अहम मानी जा रही है. इजिप्ट के साथ भारत के पहले से ही मजबूत संबंध माने जाते हैं. पिछले साल ही इजिप्ट ब्रिक्स देशों के समूह में शामिल हुआ है, जिसमें भारत, रूस और चीन संस्थापक सदस्य हैं.
एक्सरसाइज में 8000 सैनिक लेंगे हिस्सा
जानकारी के मुताबिक, इस साल ब्राइट स्टार एक्सरसाइज में करीब 43 देशों के कुल 8000 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. वर्ष 1980 से आयोजित होने वाली इस एक्सरसाइज का इस बार 19वां संस्करण है. वर्ष 1980 में ये इजिप्ट और अमेरिका के बीच होने वाली द्विपक्षीय एक्सरसाइज थी, लेकिन अब ये मल्टीनेशनल एक्सरसाइज में तब्दील हो गई है. मिडिल ईस्ट क्षेत्र की ये सबसे बड़ी मल्टीनेशनल एक्सरसाइज है, जिसे जल, थल और आकाश तीनों में एक साथ आयोजित किया जाता है.
ब्राइट स्टार के बारे में जानकारी देते हुए भारत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एक्सरसाइज के दौरान सेना के तीनों अंगों की लाइव फायरिंग के जरिए ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा. इसके अलावा कमांड पोस्ट एक्सरसाइज के जरिए ज्वाइंट प्लानिंग, साझा निर्णय लेना और ऑपरेशनल सहयोग दर्शाया जाएगा. साथ ही तीनों अंगों की हिस्सा लेने वाली सेनाओं के साथ शॉर्ट मिलिट्री ट्रेनिंग और एक्सपर्ट-विषय चर्चाएं भी आयोजित की जाएंगी.

अभ्यास में भारतीय सशस्त्र बलों की भागीदारी
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस अभ्यास में भारतीय सशस्त्र बलों की भागीदारी क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, साथ ही मित्र देशों के साथ संयुक्तता, अंतर-संचालन और सहयोग को बढ़ाती है.
गौरतलब है कि 1 सितंबर से अलास्का में भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच वार्षिक मिलिट्री एक्सरसाइज, युद्ध-अभ्यास (यही नाम है युद्धाभ्यास का) होने जा रही है. इस एक्सरसाइज में भारत के 400 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं, जो अब तक हुए सभी युद्ध-अभ्यास के संस्करणों में सबसे ज्यादा हैं.
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