बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम बड़ी रणनीति पर काम कर रही है. जो प्लान है उसके अनुसार माना जा रहा है कि बिहार में तीसरा मोर्चा बनाने की तैयारी में पार्टी जुट गई है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने एबीपी न्यूज़ को फोन पर मंगलवार (12 अगस्त, 2025) को बताया कि एआईएमआईएम बिहार में 100 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती है.
आदिल ने कहा, “बिहार नेतृत्व ने ओवैसी साहब को 100 सीटों की सूची सौंप दी है. आखिरी निर्णय उन्हें ही लेना है, लेकिन 100 सीटों पर हमारी तैयारी है. आरजेडी से हम लोग गठबंधन चाहते थे, महागठबंधन में एंट्री चाहते थे, ताकि सेक्युलर वोटों का बिखराव नहीं हो. हमारी पार्टी के बिहार अध्यक्ष एवं विधायक अख्तरुल ईमान साहब ने लालू यादव को चिट्ठी भी लिखी थी, लेकिन आरजेडी की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया, इसलिए अब तीसरा मोर्चा बनाने की तैयारी में हम लोग लग गए हैं.”
इन पार्टियों से चल रही गठबंधन की बातचीत
सवाल है कि थर्ड फ्रंट में कौन-कौन सी पार्टियां होंगी? आदिल हसन ने बताया कि जो भी दल बीजेपी समेत एनडीए को हराना चाहते हैं वे हमारे साथ आ सकते हैं. बहुजन समाज पार्टी, चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी, आईपी गुप्ता कि इंकलाब पार्टी से हम लोगों ने संपर्क साधा है. कुछ और भी अन्य दलों से हम लोगों की वार्ता जारी है. गठबंधन के लिए बातचीत चल रही है. जल्द तीसरा मोर्चा स्वरूप लेगा.
बता दें कि जो तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद चल रही है इसमें जातीय समीकरण साधने पर विशेष फोकस किया जा रहा है. 2020 में भी एआईएमआईएम के नेतृत्व में तीसरा मोर्चा बना था जिसमें बीएसपी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी थी. थर्ड फ्रंट को छह सीट आई थी.
अगर इस बार ज्यादा सीटों पर ओवैसी की पार्टी लड़ती है तो महागठबंधन को नुकसान एवं एनडीए को फायदा हो सकता है क्योंकि मुस्लिम वोटों में बिखराव हो सकता है. बिहार में मुस्लिम करीब 17 फीसद हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने आरजेडी के मुस्लिम वोट बैंक में जबरदस्त सेंधमारी की थी. मुस्लिम बहुल सीमांचल इलाके में ओवैसी को पांच सीटें आई थीं.
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