बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2025 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसी बीच भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया. उधर, ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ ने भारत-अमेरिका के रिश्तों में नई खटास ला दी है.
ऑपरेशन सिंदूर पर जनता का फैसला
इंडिया टुडे और सी-वोटर ने ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वे किया है. जिसमें कई अहम सवालों के जवाब सामने आए हैं. इस सर्वे का सैंपल साइज 2,06,826 था और यह 1 जुलाई से 15 अगस्त 2025 के बीच आयोजित किया गया था. सर्वे में जब पूछा गया कि पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर कैसा कदम था, तो 55% लोगों ने इसे बेहद मजबूत प्रतिक्रिया बताया. 15% ने इसे सामान्य माना, जबकि 21% ने कहा कि यह कमजोर प्रतिक्रिया थी.
सरकार की पारदर्शिता पर जनता की राय
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार की पारदर्शिता पर भी सवाल किया गया. 54% लोगों ने कहा कि सरकार ने पूरी पारदर्शिता दिखाई. वहीं, 33% लोग इससे असहमत रहे और उन्होंने माना कि पारदर्शिता की कमी रही.
सीजफायर पर अलग-अलग मत
युद्धविराम यानी सीजफायर क्यों हुआ, इस पर भी लोगों की राय बंटी दिखी. 31% लोगों ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी का निर्णय था. 29% का मानना था कि यह कदम ट्रंप के दबाव में उठाया गया. जबकि 25% लोगों ने कहा कि पाकिस्तान हार मानने के बाद खुद सीजफायर की गुहार लगा रहा था.
पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने पर जनता का रुख
सर्वे में यह भी पूछा गया कि क्या भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना चाहिए. केवल 25% लोगों ने इसके पक्ष में जवाब दिया. जबकि भारी बहुमत यानी 69% लोगों ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए.
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