ट्रंप के टैरिफ की बीच भारत की जीडीपी ग्रोथ ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8 फीसदी रही, जिसमें सर्विस सेक्टर में 9.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. भारत के इस प्रदर्शन ने डोनाल्ड ट्रंप के डेड इकोनॉमी वाले बयान की हवा निकाल दी.
यह अनुमान लगाया गया था कि चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ अधिकतम 6.7 फीसदी रहेगी. पिछले साल पहले तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.5 फीसदी रही थी. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के मुताबिक जीडीपी ग्रोथ में सर्विस सेक्टर की हिस्सेदारी 55 फीसदी से अधिक है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी तेल खरदीने को लेकर भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया जो 27 अगस्त ने लागू हो गया. इससे पहले ट्रंप ने भारत को डेड इकोनॉमी कहा था. ट्रंप ने कहा था, “मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि भारत रूस के साथ क्या-क्या करता है, लेकिन वे दोनों मिलकर अपनी डेड इकोनॉमी को और नीचे गिरा सकते हैं, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.” अब यह साफ हो गया है कि ट्रंप की यह टिप्पणी केवल राजनीतिक बयान रह गई है, जबकि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया को अपनी ताकत दिखा रही है.
कृषि क्षेत्र ने 2025-26 की पहली तिमाही में 3.7 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर के साथ वापसी की, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कृषि उत्पादन में अनियमित मानसून के कारण गिरावट आई थी और यह 1.5 फीसदी थी. मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 7.7 फीसदी और निर्माण क्षेत्र में 7.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. कृषि क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन के अलावा, हाईवे, रेलवे, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सरकार की ओर से किए गए भारी निवेश ने विकास दर को बढ़ावा देने में मदद की है.
आने वाले महीनों में निर्माण और व्यापार में निरंतर वृद्धि के साथ सर्विस सेक्टर में भी तेजी बनी रहने की उम्मीद है. आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि भारत एकमात्र ऐसी अर्थव्यवस्था होगी, जिसकी 2025-26 में 6 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर दर्ज होने की उम्मीद है, क्योंकि अमेरिकी टैरिफ संकट से विश्व व्यापार में संकट छाने से ग्लोबल इकोनॉमी ग्रोथ स्लो होने की आशंका है.
ट्रंप प्रशासन ने भारत से आने वाले आयात पर टैरिफ को 25 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया. टैरिफ के संकेत मिलने के साथ ही भारत नए बाजार की तलाश में जुट गया और कई देशों के साथ डील कर चुका है. पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रविवार (31 अगस्त 2025) को तियानजिन में बैठक करेंगे. इस बैठक में नए सिरे से ट्रेड डील पर बात बनने संभावना है.
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