उत्तर प्रदेश स्थित बाराबंकी में श्रीरामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) ने लखनऊ में विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया. छात्रों के समूह ने विधानसभा के गेट के बाहर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए.
इस दौरान छात्रों ने सीधे प्रमुख सचिव गृह का नाम लेते हुए कहा कि उनके और विश्वविद्यालय प्रशासन के संबंध क्या है यह सब जानते हैं. मुख्यमंत्री के आज के आदेश पर कहा कि यह आदेश पहले क्यों नहीं दिया.क्या मुख्यमंत्री ने 3 साल से आंखें बंद की थी?
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— ABP News (@ABPNews) September 2, 2025
एक छात्र ने दावा किया कि बहुत बर्बरता हुई. दो छात्र कोमा में हैं. ऐसा तो आतंकी के भी साथ नहीं होता. एसपी को आदेश दिया गया और उसके बाद पुलिस ने लाठीचार्च किया. सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा मामले को संज्ञान में लेने के सवाल पर छात्र ने कहा कि सीओ तो कहीं और अच्छी पोस्टिंग पा जाएंगे. तीन साल से सीएम की आंखें क्यों बंद थी?
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की मांग थी कि सीओ पर मुकदमा दर्ज और उचित कार्रवाई की जाए. abvp के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जांच केवल खानापूर्ति के लिए जा रही है. बता दें छात्र और कार्यकर्ता जब प्रदर्शन कर रहे थे, उस वक्त विधानसभा के सामने लोकभवन में कैबिनेट की बैठक चल रही थी. इसी दौरान पुलिस आई और तीन से चार मिनट के भीतर ही सबको हिरासत में ले लिया. प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस हिरासत में लेकर गई. पुलिस छात्रों को इको गार्डन लेकर गई है.
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