भारत जल्द ही रूस से सस्ता तेल आयात कर सकता है और साथ ही S-400 मिसाइल सिस्टम की और खेप भी मिलने वाली है. रूस ने भारत को अपने यूरल क्रूड ऑयल पर ब्रेंट की तुलना में प्रति बैरल 3 से 4 डॉलर तक की छूट की पेशकश की है. पिछले हफ्ते यह डिस्काउंट करीब 2.5 डॉलर और जुलाई में लगभग 1 डॉलर था. यह ऑफर सितंबर के अंत और अक्टूबर में लोड होने वाले कार्गो के लिए दिया गया है. मंगलवार (2 सितंबर) को आई रिपोर्ट्स में इसका खुलासा हुआ है.
दूसरी तरफ, भारत और रूस के बीच S-400 मिसाइल सिस्टम की अतिरिक्त आपूर्ति को लेकर बातचीत जारी है. रूस 2026 और 2027 तक अंतिम दो यूनिट भारत को सौंप देगा. गौरतलब है कि साल 2018 में दोनों देशों के बीच 5.5 अरब डॉलर का समझौता हुआ था जिसके तहत पांच S-400 यूनिट मिलने थे. इनमें से तीन यूनिट भारत को पहले ही मिल चुके हैं.
भारत को जल्द मिल सकती है S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की नई खेप
भारत को रूस से सस्ता तेल और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की नई खेप मिलने की संभावना जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि S-400 सिस्टम ने मई में पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर भारत की ऑपरेशन सिंदूर में बड़ी भूमिका निभाई थी.
रूसी अधिकारी दिमित्री शुगायेव ने कहा कि इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की गुंजाइश है और नई डिलीवरी पर बातचीत चल रही है. यह ऑफर ऐसे समय आया है जब भारत को अमेरिका से दबाव का सामना करना पड़ रहा है. हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगा दिया है. इनमें से आधे टैरिफ भारत के रूस से बढ़ते तेल व्यापार को लेकर लगाए गए हैं. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत का रूसी तेल आयात काफी बढ़ गया है.
भारत को मिल सकती है तेल की पहले से ज्यादा आपूर्ति
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में रूस से भारत को तेल की आपूर्ति 10–20% तक बढ़ सकती है, यानी अगस्त की तुलना में रोजाना अतिरिक्त 1.5 से 3 लाख बैरल, लेकिन इस बढ़ते आयात पर अमेरिका खासा नाराज है. ट्रंप प्रशासन के कई टॉप अधिकारियों ने भारत को निशाने पर लिया है. उनका कहना है कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदकर अरबों डॉलर का मुनाफा कमा रहा है.
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने क्या कहा?
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में कहा, “इंडियन आर्बिट्राज (सस्ता तेल खरीदकर आगे बेचने का बिजनेस) सिर्फ यूक्रेन युद्ध के दौरान शुरू हुआ है. यह पूरी तरह अस्वीकार्य है. भारत मुनाफाखोरी कर रहा है और अरबों कमा रहा है.”
अगस्त की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान करते हुए सीधे तौर पर रूस से हो रही डील्स को वजह बताया था. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा था, “भारत ने हमेशा अपनी मिलिट्री डील्स का बड़ा हिस्सा रूस से किया है और ऊर्जा (Energy) के मामले में भी वह चीन के साथ रूस का सबसे बड़ा खरीदार है. जबकि पूरी दुनिया चाहती है कि रूस यूक्रेन में हो रही हिंसा रोके…”
इसी बीच, ताजा रिपोर्ट्स उस समय सामने आई हैं जब SCO समिट के दौरान चीन के तियानजिन में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात हुई. इस मीटिंग में दोनों नेताओं ने भारत-रूस रिश्तों को बेहतरीन और मजबूत बताया. पुतिन ने पीएम मोदी को अपना प्रिय मित्र कहते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते डायनेमिक और तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.
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