Russia-China Nuclear Cooperation: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार देशों पर टैरिफ लगा रहे हैं. इसी बीच चीन रूस और ज्यादा करीब आते हुए नजर आ रहे हैं. रूस ने ऐलान किया है कि वह चीन को दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा उत्पादक बनाने में मदद करेगा.
रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम के प्रमुख अलेक्सी लिखाचेव ने बीजिंग में हुई वार्ता के बाद यह बयान दिया.
अमेरिका से आगे निकलना चाहता है चीन
अमेरिका के पास फिलहाल 94 परमाणु रिएक्टर हैं जिनकी कुल क्षमता करीब 97 गीगावॉट (GW) है. वहीं, चीन तेज़ी से नए रिएक्टर बना रहा है और अप्रैल 2024 तक उसकी क्षमता 53.2 गीगावॉट तक पहुंच गई थी. लिहाज़ा चीन का लक्ष्य है कि वह 100 गीगावॉट से अधिक क्षमता हासिल कर अमेरिका को पीछे छोड़ दे.
रूस ने किया चीन का समर्थन
लिखाचेव ने रूसी राज्य टीवी से कहा, ‘चीन के पास परमाणु ऊर्जा के विकास की महत्वाकांक्षी योजना है. अमेरिका को पकड़ने और उससे आगे निकलने का लक्ष्य तय किया गया है और रूस इसमें पूरा सहयोग करेगा. हम पहले से ही मदद कर रहे हैं.’ रूस अब तक चीन में चार परमाणु रिएक्टर बना चुका है और वर्तमान में चार और का निर्माण कार्य जारी है. लिहाज़ा रूस और चीन की यह साझेदारी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में आने वाले वर्षों में वैश्विक शक्ति संतुलन को बदल सकती है.
डोनाल्ड ट्रंप ने लगाए है गंभीर आरोप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन, जिनपिंग और किम जोंग उन पर साजिश रचने का आरोप लगाया है. रूस ने इन आरोपों पर कड़ा जवाब दिया है. जारी किए गए बयान में रूस ने कहा कि ऐसा कोई षड्यंत्र नहीं है और शायद ट्रंप मजाक कर रहे थे. वहीं, बीजिंग में चीन की विशाल सैन्य परेड में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साफ कहा कि दुनिया शांति और युद्ध के बीच चुनाव के मोड़ पर खड़ी है. इस मौके पर पुतिन और किम जोंग उन भी मौजूद रहे.
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