मीटर के बदलाव के खेल की खबरों के बाद एक नया मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार मीटर बदले तो जा रहे हैं लेकिन विभाग में जमा नहीं हो रहे जिससे बिजली विभाग को लाखों के नुकसान का अनुमान है. मीटर रीडिंग से जुड़े जानकार बताते हैं कि हर मीटर बदलने के बाद उसकी अंतिम रीडिंग दर्ज कर विभाग को भेजी जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ता का बिल सही तरीके से तैयार हो सके. लेकिन अगर मीटर विभाग तक पहुंचे ही नहीं, तो रीडिंग का मिलान संभव नहीं होता और ऐसे में कई उपभोक्ताओं के बिल नए सिरे से बन जाते हैं.
मीटर रीडिंग में हेर-फेर की आशंका
जानकार बताते हैं कि जब भी मीटर बदला जाता है पिछले मीटर की रीडिंग नए मीटर से जुड़ जाती है और बिल बनता है लेकिन अगर पिछला मीटर बीच से गायब हो जाये तो बिल नए सिरे से बन रहा होगा और इसी बात का खुलासा होने पर महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
ठेकेदारों की साठ गांठ होने का शक
बताते चलें कि मीटर के बदलने के साथ इसके बिल तक का सब कुछ ठेकेदार करते हैं लिहाजा अब अगर पुराने मीटर विभाग तक नहीं पहुंच रहे तो कहां गए. सूत्र ये भी बता रहे हैं कि 6 लाख से ऊपर मीटर गायब हैं.
सीतापुर में दर्ज हुआ मामला
मीटर की गड़बड़ी में सीतापुर में ठेकेदार द्वारा 435 मीटर जमा नहीं करने पर मामला दर्ज कराया गया है इसके साथ ही अब पूरे प्रदेश के विभाग सक्रिय हो गए हैं. फिलहाल पूरे प्रदेश में मीटरों में गड़बड़ी को लेकर कई मामले सामने आ रहे हैं जिसकी शिकायत लगातार विभाग को मिल रही हैं.
उपभोक्ता परिषद ने जांच की मांग की
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि इस मामले से विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं लिहाजा जल्द ही तस्वीर साफ होनी चाहिए.
Source link
Discover more from Reelpedia
Subscribe to get the latest posts sent to your email.