मोबाइल कंपनियां भले ही अपने स्मार्टफोन्स में बड़े कैमरे और दूसरे कई फीचर्स दे रही हैं, लेकिन अधिकतर यूजर्स इनकी ज्यादा परवाह नहीं कर रहे. एक रिसर्च में सामने आया है कि 79 प्रतिशत लोग स्मार्टफोन लेते समय सबसे ज्यादा अहमियत ड्यूरेबिलिटी को देते हैं. यानी उनकी चिंता किसी फीचर्स को लेकर नहीं बल्कि मजबूत स्क्रीन, मजबूत फ्रेम और वाटर रजिस्टेंस जैसी चीजों को लेकर ज्यादा होती है. उनका मानना है कि नाजुक डिवाइस के गिरने पर टूटने का खतरा रहता है. इससे डेटा चले जाने की चिंता तो रहती ही है, साथ ही जेब पर बोझ भी बढ़ता है.
नुकसान के डर से फोन यूज नहीं करते अधिकतर लोग
देश के 26 शहरों के करीब 4,500 लोगों पर किए गए सर्वे में कई जरूरी बातें निकलकर सामने आई है. इनमें से 78 प्रतिशत लोगों ने कहा कि खराब होने के डर से वो बरसात, गर्मी या पानी के पास अपना फोन यूज नहीं करते. 56 प्रतिशत लोगों ने कहा कि जब उनका फोन गिर या टूट जाता है तो उन्हें निराशा होती है. 39 प्रतिशत ने ऐसी स्थिति में पैनिक होने की बात कही है.
89 प्रतिशत को डेटा खोने की चिंता
सर्वे में भाग लेने वाले 89 प्रतिशत लोगों ने फोन के गिरने पर अपने डेटा लॉस्ट होने चिंता जताई. अधिकतर लोगों को अपने फोटो/वीडियो, बैंकिंग डिटेल्स, कॉन्टैक्टस और चैट चले जाने की चिंता रहती है. इसके अलावा फोन की मरम्मत पर खर्च भी लोगों को टेंशन में डाल रहा है. 70 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने फोन की मरम्मत के लिए 2,000 से ज्यादा पैसे खर्च किए हैं. 29 प्रतिशत ने 5,000 से ज्यादा खर्च करने की बात कही. काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा कि स्मार्टफोन में अब पूरी दुनिया होती है. अब ड्यूरेबिलिटी स्मार्टफोन के लिए जरूरी बन गई है. लोगों को ऐसे फोन पसंद आ रहे हैं, जो हर स्थिति में चल सकें. अब लोग ऐसे फोन को पसंद कर रहे हैं, जिनमें परफॉर्मेंस और ड्यूरेबिलिटी का अच्छा बैलेंस होता है.
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