विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार (5 सितंबर, 2025) को भारत के चीन और अमेरिका के साथ रिश्तों पर बयान दिया है. इसके अलावा, रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की भूमिका को लेकर भी जानकारी साझा की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित किया.
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत और चीन के संबंध को लेकर कहा कि अभी चीन में तियानजिन शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई है और हमने उसमें प्रेस के माध्यम से जानकारी दे दी है. वहीं, अमेरिका के साथ रिश्तों पर बोलते हुए जायसवाल ने कहा, ‘अभी अमेरिका के अलास्का में भारत और अमेरिका का साझा युद्धाभ्यास हो रहा है और हम रणनीतिक तौर पर साथ हैं. इसके अलावा, व्यापार के मुद्दे पर भी अमेरिकी पक्ष के साथ हमारी बातचीत जारी है.’
जबकि ट्रंप के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो के बयान पर MEA ने कहा, ‘पीटर नवारो का बयान हमने देखा है और हम ऐसे किसी भी वक्तव्य को नकारते हैं. अमेरिका और भारत, दोनों देशों के बीच जो रिश्ते हैं उसको आपसी समझ और म्यूच्यूअल एजेंडे के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है.’
कई अन्य मुद्दों पर भी विदेश मंत्रालय ने दिया बयान
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की भूमिका पर कहा, ‘रूस-यूक्रेन के बीच शांति बहाली के लिए भारत प्रयासरत है. हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द दोनों देशों के बीच शांति स्थापित हो जाए.’
जबकि भारत की ओर से पाकिस्तान के साथ बाढ़ का आंकड़ा साझा करने के सवाल पर जायसवाल ने कहा, ‘हम आवश्यकता पड़ने पर राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान के साथ बाढ़ के आंकड़े साझा करते रहे हैं. यह जानकारी हमारे उच्चायोग के माध्यम से साझा की जा रही है.’
वहीं, भारत-अफगानिस्तान की साझेदारी पर कहा, ‘अफगानिस्तान के लोगों के साथ हमारे दीर्घकालिक संबंध हैं. भारत अफगान लोगों की आकांक्षाओं और विकासात्मक आवश्यकताओं का समर्थन करता रहेगा.’
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय नागरिकों के खिलाफ जारी प्रदर्शन पर MEA का बयान
MEA ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर कहा, ‘हम सभी जानते हैं कि 31 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में प्रवासी-विरोधी विरोध प्रदर्शन हुए. हमारे उच्चायोग और महावाणिज्य दूतावास इस संबंध में ऑस्ट्रेलियाई सरकार और हमारे समुदाय के सदस्यों के साथ नियमित संपर्क में हैं. विरोध प्रदर्शन शुरू होने से पहले, हमारे उच्चायोग ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार के साथ प्रवासी भारतीयों की चिंताओं को साझा किया था. हमें ऑस्ट्रेलियाई पक्ष से एक औपचारिक प्रतिक्रिया मिली, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया में विरोध प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के विविध समुदायों के लिए चिंता का विषय है. साथ ही, हमने देखा है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार और विपक्ष, दोनों के वरिष्ठ नेताओं और राजनेताओं ने ऑस्ट्रेलिया की बहु-सांस्कृतिक पहचान का समर्थन करते हुए बयान जारी किए हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की समग्र प्रगति और विकास में भारतीय ऑस्ट्रेलियाई समुदाय की ओर से निभाई गई भूमिका को भी मान्यता दी है और वे इस भूमिका की बहुत सराहना और स्वीकार करते हैं.’
जायसवाल ने कहा, ‘हमारी ओर से हम दृढ़ता से मानते हैं कि विविधता ही शक्ति है. हम ऑस्ट्रेलिया के साथ एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी को महत्व देते हैं, जिसका एक बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व हमारे लोगों के बीच संबंध हैं और वास्तव में ये हमारी रणनीतिक संबंध है. भारत सरकार विदेशों में सभी भारतीयों के कल्याण और खुशहाली को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और हम ऑस्ट्रेलियाई सरकार के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया में प्रवासी संगठन के संपर्क में हैं.’
ब्रिक्स और क्वॉड शिखर सम्मेलन को लेकर बोले जायसवाल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर सोमवार (8 सितंबर, 2025) को ब्रिक्स के वर्चुअल शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. इसके अलावा, क्वाड शिखर सम्मेलन को लेकर उन्होंने कहा, ‘कई मुद्दों पर साझा हितों को लेकर चर्चा करने के लिए क्वाड एक महत्वपूर्ण मंच है. इसमें शामिल नेताओं के बीच शिखर सम्मेलन का आयोजन चारों सदस्य देशों की ओर से राजनयिक परामर्श के माध्यम से निर्धारित किया गया है.
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