केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में नए कर ढांचे की घोषणा की है, जिसमें ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं. पहली नजर में यह खबर आम ग्राहकों को महंगी लग सकती है क्योंकि बड़ी और लग्जरी कारों पर GST 28% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है. लेकिन असली राहत इस बात में है कि अब इन कारों पर अलग से सेस नहीं लगाया जाएगा, जिससे मर्सिडीज-बेंज और Fortuner जैसी गाड़ियां सस्ती हो जाएंगी और BMW जैसी कंपनियों की लग्जरी गाड़ियां पहले की तुलना में थोड़ी सस्ती हो सकती हैं.
क्यों सस्ती होंगी लग्जरी गाड़ियां?
- पहले की कर व्यवस्था में ICE कारों पर 28% GST के अलावा 17% से 22% तक सेस लगाया जाता था. इसका असर यह होता था कि कुल टैक्स बोझ 45% से 50% तक पहुँच जाता था. नई व्यवस्था में अब केवल 40% GST लगेगा और कोई सेस नहीं होगा. यानी कि कुल टैक्स भार घटेगा और गाड़ियों की कीमत में थोड़ी कमी आएगी. यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होगा, ठीक त्योहारी सीजन से पहले, जब ऑटोमोबाइल सेक्टर में बिक्री सबसे ज्यादा होती है.
सिर्फ लग्जरी कारें ही नहीं, इन वाहनों पर भी असर
- नई जीएसटी व्यवस्था का फायदा सिर्फ लग्जरी कारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कई और बदलाव शामिल हैं. अब बस, ट्रक और एम्बुलेंस पर 18% जीएसटी लगेगा, जो पहले 28% था. ऑटो पार्ट्स पर भी 18% की ही दर लागू होगी, चाहे उनका एचएस कोड कुछ भी हो. तिपहिया वाहन भी इसी टैक्स स्लैब में आएंगे. इस तरह यह फैसला न केवल प्राइवेट गाड़ियों को बल्कि कमर्शियल वाहन इंडस्ट्री को भी राहत देगा.
मर्सिडीज और ऑडी ने क्या कहा?
- मर्सिडीज-बेंज इंडिया के MD और CEO संतोष अय्यर ने इस फैसले को प्रगतिशील कदम बताया. उन्होंने कहा कि सरकार ने लंबे समय से चली आ रही मांग सुनी है, जिससे खपत बढ़ेगी और ऑटोमोबाइल उद्योग को गति मिलेगी. वहीं, ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने इसे उद्योग के विकास के लिए सकारात्मक बताते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कम दर बनाए रखना एक स्वागत योग्य कदम है. इससे EV पोर्टफोलियो और ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच सकेगा.
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