समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 1 सितंबर को एक खबर का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा था. अब सोशल मीडिया साइट एक्स पर निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश इकाई ने चार दिन बाद 5 सितंबर को प्रतिक्रिया दी है. राज्य निर्वाचन आयोग ने कन्नौज सांसद के एक्स पोस्ट को रिपोस्ट कर जवाब दिया और समझाया कि वोटर लिस्ट सुधारने के लिए एआई का इस्तेमाल करेगा लेकिन उसका संबंध भारत निर्वाचन आयोग से नहीं है.
अखिलेश यादव के पोस्ट पर 4 दिन बाद जवाब देते हुए आयोग ने लिखा कि AI अर्थात Artificial Intelligence के माध्यम से मतदाता सूचियों में विद्यमान् त्रुटियों को ढूंढकर उनका सुधार किये जाने का समाचार राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के हवाले से विगत दिनों में उत्तर प्रदेश के समाचार पत्रों में छपा था. राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश में स्थित पंचायतीराज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों के निर्वाचनों से संबंधित मतदाता सूचियों को बनाने एवं इन संस्थाओं व निकायों के चुनाव करवाने का कार्य करता है.
भारत निर्वाचन आयोग से संबंधित नहीं है निर्णय- CEO UP
राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा गया- इससे भिन्न भारत निर्वाचन आयोग लोक सभा, विधान सभा एवं विधान परिषद के चुनावों से संबंधित मतदाता सूचियों को बनाने एवं उनके रखरखाव का कार्य करता है और इन सदनों के चुनाव करवाता है. प्रायः आम जनता में एवं मीडिया में भी इस बात की स्पष्टता नहीं रहती है तथा लोग इन दोनों आयोगों के कार्य में अंतर नहीं जानते हैं. यहां तक कि सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों में भी बहुधा इस भिन्नता की जानकारी नहीं है. इस अवसर का सदुपयोग कर इस भिन्नता को रेखांकित किया जाता है.AI का प्रयोग कर मतदाता सूची को शुद्ध किए जाने का समाचार भारत निर्वाचन आयोग से संबंधित नहीं है.
इसके अलावा आयोग ने सपा द्वारा बीते कई दिनों से 18,000 मतों को काटने या हटाने के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी. राज्य निर्वाचन आयोग ने लिखा कि 18 हज़ार शपथ पत्रों के संबंध में अवगत कराना है कि यह मामला भारत निर्वाचन आयोग से एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश से संबंधित है. जिला निर्वाचन अधिकारियों से जानकारी करने पर यह पता चला है कि 4 सितम्बर 2025 तक वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ग़लत ढंग से काटने की शिकायत से संबंधित तथाकथित 18 हज़ार शपथ पत्रों में से एक शपथपत्र भी मूल रूप में संबंधित 33 ज़िलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित 74 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्राप्त नहीं हुआ है.
राज्य निर्वाचन आयोग ने लिखा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के कार्यालय में भी 4 सितंबर 2025 तक इस संबंध में कोई शपथपत्र मूल रूप में प्राप्त नहीं हुआ है. इस शिकायत से संबंधित मूल शपथ पत्र प्राप्त होते ही तत्परता से जाँच पूर्ण कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी और सर्वसाधारण को अवगत कराया जाएगा.
अखिलेश ने क्या लिखा था?
1 सितंबर , सोमवार को सपा चीफ अखिलेश यादव ने एक खबर का संदर्भ देते हुए लिखा था कि जब जुगाड़ आयोग AI से सवा करोड़ का अपना घपला पकड़ सकता है तो फिर हमारे द्वारा दिये गये 18000 में से केवल 14 एफ़िडेविट का जवाब देने के बाद बचे 17986 एफ़िडेविट्स का क्यों नहीं?
बता दें भारत निर्वाचन आयोग, राज्यों में पंचायत, नगर निकाय और अन्य स्थानीय चुनाव नहीं करवाता. यह जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की होती है.
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