प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के उस बीजेपी कार्यकर्ता को तलब किया है, जिसने राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने का दावा करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार (6 सितंबर, 2025) को यह जानकारी दी.
बीजेपी कार्यकर्ता की पहचान एस. विग्नेश शिशिर के रूप में हुई है. उन्हें 9 सितंबर को केंद्रीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है. ईडी सूत्रों ने बताया कि शिशिर से मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत मामले से संबंधित सभी साक्ष्य और दस्तावेज के साथ पेश होने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि इन आरोपों की जांच की जा रही है.
कांग्रेस ने नहीं दिया रिएक्शन
फेमा के तहत ईडी व्यक्तियों और कंपनियों को लेकर विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों की जांच करती है. जब इस मामले पर कांग्रेस पार्टी से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका में शिशिर ने दावा किया था कि उनके पास ब्रिटिश सरकार के कुछ दस्तावेज और ई-मेल हैं, जो यह साबित करते हैं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ब्रिटेन के नागरिक हैं और इस कारण भारत में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं. इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 30 अगस्त को केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि शिशिर को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान की जाए.
यह मामला विचार योग्य है- इलाहाबाद हाई कोर्ट
न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति बी. आर. सिंह की खंडपीठ ने बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा दायर एक रिट याचिका पर यह आदेश पारित किया. अपने अंतरिम आदेश में पीठ ने कहा, “हम पहली नजर में संतुष्ट हैं कि यह मामला विचार योग्य है क्योंकि याचिकाकर्ता ने एक बेहद प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ मामला दायर किया है और लगातार धमकियों का सामना कर रहा है तथा नोटिस के अनुपालन में उन्हें रायबरेली जिले के कोतवाली थाने में जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना पड़ रहा है.”
भारत सरकार ने ब्रिटेन सरकार को लिखा पत्र
शिशिर ने उच्च न्यायालय को बताया था कि उनकी जून 2024 में की गई शिकायत के आधार पर सीबीआई जांच कर रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि वह कई बार दिल्ली में एजेंसी के समक्ष पेश हो चुके हैं और उन्होंने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े साक्ष्य भी दिए हैं. उच्च न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर के लिए तय की है.
इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया था कि भारत सरकार ने ब्रिटेन सरकार को राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता से संबंधित विवरण उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है.
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