जापान के राजकुमार हिसाहितो अब आधिकारिक तौर पर वयस्क हो गए हैं. वे पिछले 40 सालों में ऐसा करने वाले पहले पुरुष शाही सदस्य हैं. 19 साल के हिसाहितो, सम्राट नारुहितो के भतीजे हैं और जापान के अगले सम्राट बनने वाले हैं.
उनके बाद कोई और पुरुष उत्तराधिकारी नहीं है, इसलिए जापान में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ पुरुषों को ही राजा बनने की इजाजत होनी चाहिए या इस पुराने नियम को बदला जाए. उनके वयस्क होने के मौके पर शनिवार (06 सितंबर, 2025) को एक समारोह पारिवारिक निवास पर आयोजित हुआ, जहां उन्हें सम्राट के एक दूत से कन्मुरी मुकुट मिला.
शाही गाड़ी में दर्शन करने निकले प्रिंस हिसाहितो
द गार्जियन के अनुसार, हिसाहितो ने कहा, ‘आज वयस्कता समारोह में मुझे ताज पहनाने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. मैं शाही परिवार के एक वयस्क सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सतर्क रहते हुए अपने जिम्मेदारियों का पालन करूंगा.’
निप्पॉन के अनुसार, शाही महल में उन्होंने वयस्कता के प्रतीक पारंपरिक वस्त्र पहने और फिर औपचारिक पोशाक पहनकर महल के तीन मंदिरों के लिए शाही गाड़ी में सवार हुए. समारोह के दौरान उन्होंने तीर्थस्थल के रूप में जापान के प्रथम सम्राट जिनमू की समाधि और उनके परदादा, सम्राट शोवा की समाधि के दर्शन किए. वह प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों से भी मिलेंगे.
क्राउन प्रिंस अकिशिनो के बाद पहला वयस्कता समारोह
1985 में क्राउन प्रिंस अकिशिनो के बाद अब उनके बेटे प्रिंस हिसाहितो के रूप में किसी जापानी शाही राजकुमार का यह पहला वयस्कता समारोह है. साल 2006 में जन्मे हिसाहितो, क्राउन प्रिंस अकिशिनो और क्राउन प्रिंसेस किको के एकलौते बेटे हैं.
त्सुकुबा विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे प्रिंस हिसाहितो की विशेष रुचि ड्रैगनफ्लाई में है. बताया जा रहा है कि उनका लक्ष्य शहरी कीट आबादी के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करना है. हिसाहितो की दो बहनें राजकुमारी काको और पूर्व राजकुमारी माको हैं, जिन्होंने एक आम आदमी से शादी के बाद अपना शाही दर्जा छोड़ दिया.
सम्राट नारुहितो की बेटी को नहीं मिला उत्तराधिकारी का दर्जा
हालांकि सम्राट नारुहितो की एक बेटी, 23 वर्षीय राजकुमारी आइको हैं, लेकिन नियमों के अनुसार, गद्दी पर एक प्रिंस ही बैठ सकता है. इसलिए उन्हें उत्तराधिकार के रूप में मानने से वंचित कर दिया गया. आज शाही परिवार में कुल 16 वयस्क सदस्य हैं, लेकिन केवल युवराज अकिशिनो और राजकुमार हिसाहितो ही युवा पुरुष उत्तराधिकारी के रूप में बचे हैं.
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