बिहार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (08 सितंबर, 2025) को चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि आधार कार्ड को 12वें दस्तावेज के रूप में माना जाए. इस पर अब जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हम लोग पहले से कह रहे हैं कि अगर आपके पास आधार है तो आपको डरने की जरूरत नहीं है.
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव आयोग के पास नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं है. अगर 2-4 लोगों का नाम कट भी गया तो भी जितने लोग रह जाएंगे वो नीतीश कुमार और भाजपा को सबक सिखाने के लिए काफी हैं. प्रशांत किशोर अपनी ‘बिहार बदलाव यात्रा’ के क्रम में सोमवार को पूर्णिया के रुपौली विधानसभा में कार्यक्रम करने पहुंचे थे.
नीतीश कुमार पर साधा निशाना
रुपौली हाई स्कूल मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करने के बाद प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा. कहा कि अभी तो लोगों ने वोट भी नहीं दिया, सिर्फ जन सुराज की सभाओं में आना शुरू किया है कि नीतीश कुमार ने बुजुर्गों की पेंशन 400 से 1100 रुपये कर दी. आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा, रसोइया की सैलरी बढ़ी, बिजली भी 125 यूनिट तक मुफ्त हो गई. अब आज (सोमवार) आंगनबाड़ी का भी मानदेय बढ़ा है.
उन्होंने कहा कि यह जनता का डर है कि नीतीश सरकार ये सारे काम कर रही है. इससे पहले इन्हें लगता था कि लोग लालू के डर से वोट दे ही देंगे. अब उन्हें दिख रहा है कि जनता को जन सुराज के तौर पर विकल्प मिल गया है. जनता ने भी अब जन सुराज के साथ आने का मन बना लिया है.
दूसरी ओर प्रशांत किशोर ने कटिहार के कांग्रेस सांसद तारिक अनवर द्वारा कंधे पर चढ़कर बाढ़ का निरीक्षण करने पर तंज कसा. कहा, “यह कांग्रेस नेताओं की राजशाही मानसिकता वाला चरित्र दिखाता है. इनके नेता राहुल गांधी भी आए और 6 दिन में ही बिहार की सभी समस्याओं को समझकर चले गए.
Source link
Discover more from Reelpedia
Subscribe to get the latest posts sent to your email.