अमेरिका में एक शख्स ने अपनी गर्लफ्रेंड को चांद पर ले जाने के लिए करीब 184 करोड़ की चोरी कर डाली. बॉलीवुड में भले ही चांद पर ले जाने की बात सिर्फ गानों तक सीमित रहते हों, लेकिन इस शख्स ने चांद पर अपनी प्रेमिका के साथ संबंध बनाने का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए ऐसी चोरी की, जिसकी चर्चा अब दुनियाभर में हो रही है.
नासा से चुराया 184 करोड़ का पत्थर
अमेरिका के इस शख्स का नाम थाड रॉबर्ट है, जो नासा का पूर्व इंटर्न है. एफबीआई के मुताबिक थाड रॉबर्ट ने साल 2002 में अमेरिका के एक स्पेस सेंटर से अपोलो मिशन के दौरान चांद की सतह से लाए गए 17 पाउंड (करीब 7.7 किलो) पत्थर और उल्कापिंड को चुराने का प्लान बनाया. इसमें उसकी प्रेमिका और दोस्तों ने भी मदद की. इसकी कीमत करीब 21 मिलियन डॉलर यानि कि करीब 184 करोड़ रुपये थी.
एफबीआई के अनुसार चोरों ने हदें पार कर दीं. उन्होंने सुरक्षा कैमरों में फेरबदल किया, नियोप्रीन बॉडीसूट पहने और यहां तक कि असली नासा बैज भी हासिल कर लिए थे. रॉबर्ट ने उस चुराए हुए पत्थरों को अपने बिस्तर पर चादर के नीचे बिछा दिया और उसी पर गर्लफ्रेंड के साथ संबंध बनाए. रॉबर्ट के अनुसार उसके लिए ऐसा करना बिल्कुल भी सामान्य नहीं था, लेकिन वह अपनी प्रेमिका को चांद के खास पलों का अहसास दिलाना चाहता था.
गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर बनाया प्लान
थाड रॉबर्ट जब 24 साल के थे तो उन्हें नासा में इंटर्नशिप मिली. यहां उनकी मुलाकात टिफनी फाउलर से हुई और धीरे-धीरे वे एक-दूसरे को डेट करने लगे. कुछ हफ्तों बाद दोनों साथ रहने लगे. रॉबर्ट ने चांद के पत्थरों की चोरी का आइडिया अपनी गर्लफ्रेंड को बताया, जिसके बाद दोनों ने मिलकर नासा के ही एक और इंटर्न को इस क्राइम में शामिल किया.
रॉबर्ट ने साल 2012 में अमेरिकी न्यूज चैनल सीबीएस को बताया कि उसने यह चोरी अपने प्यार के लिए किया. उन्होंने कहा, “मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैं प्यार पाना चाहता था। मैं चाहता था कि किसी को पता चले कि मैं उनकी कितनी परवाह करता था. यह हमारे के लिए एक प्रतीक था कि हम चांद पर संबंध बना रहे हैं. इससे पहले किसी ने चांद पर ऐसा नहीं किया था.”
कैसे पकड़ा गया थाड रॉबर्ट
एफबीआई ने खुलासा किया कि थाड रॉबर्ट की उस पत्थर को बेचने के लिए बेल्जियम के एक खरीदार के संपर्क में था. बेल्जियम का वह शख्स उस पत्थर के लिए 1,000 से 5,000 डॉलर प्रति ग्राम तक देने को तैयार था. जब खरीदार को शक हुआ तो उसने एफबीआई से संपर्क किया.
इसके बाद सीक्रेट मिशन के तहत सभी आरोपियों को पकड़ा गया. रॉबर्ट ने 2002 में चांद के पत्थर को चुराने की बात स्वीकार की, जिसके बाद उसे आठ साल की जेल की सजा सुनाई गई. 6 साल से ज्यादा जेल में बिताने के बाद दो साल पहले ही 2008 में उसे रिहा कर दिया गया.
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