संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में इजरायल ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को पनाह देने का आरोप लगाया. इजरायल के स्थायी प्रतिनिधि डैनी डैनन ने कहा कि पाकिस्तान यह सच्चाई नहीं बदल सकता कि अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को उसी की जमीन पर पनाह मिली और वहीं उसका अंत हुआ. उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिन लादेन पाकिस्तान में मारा गया तो यह क्यों नहीं पूछा गया कि उसे शरण क्यों दी गई? उन्होंने साफ कहा कि बिन लादेन के लिए कोई छूट नहीं थी और हमास के लिए भी कोई छूट नहीं होनी चाहिए.
पाकिस्तानी राजदूत का पलटवार
बैठक में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने इजरायल की कार्रवाई को अवैध और आक्रामक करार दिया. उन्होंने कहा कि दोहा में हमास नेताओं पर इजरायली हमले क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं. अहमद ने इजरायल पर गाजा में बर्बर सैन्य अभियान चलाने, सीरिया, लेबनान, ईरान और यमन में अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने और बार-बार सीमा पार हमले करने का आरोप लगाया.
9/11 और 7 अक्टूबर की तुलना
इजरायली प्रतिनिधि डैनन ने 9/11 आतंकी हमलों को याद करते हुए कहा कि यह दिन इजरायल के लिए वैसा ही था जैसा 7 अक्टूबर का हमला रहा. उन्होंने याद दिलाया कि 9/11 के बाद सुरक्षा परिषद ने यह स्पष्ट कर दिया था कि कोई भी देश आतंकियों को पनाह, फंडिंग या सुरक्षित ठिकाना नहीं देगा. डैनन के अनुसार, जो सरकार ऐसा करती है, वह संयुक्त राष्ट्र परिषद के नियमों का उल्लंघन करती है.
पाकिस्तान ने क्या कहा?
इजरायल के आरोपों पर पाकिस्तान ने कहा कि यह पूरी तरह हास्यास्पद और अस्वीकार्य है कि इजरायल जैसा कब्जा करने वाला और हमलावर देश संयुक्त राष्ट्र मंच का दुरुपयोग कर रहा है. पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि इजरायल इस मंच की गरिमा और अंतरराष्ट्रीय नियमों का अपमान कर रहा है.
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