Life On Mars: कई दशकों से वैज्ञानिक मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना को लेकर रिसर्च कर रहे हैं. वैज्ञानिकों द्वारा किए गए पिछले मिशनों ने इस बात के संकेत दिए हैं कि कभी इस ग्रह की सतह पर पानी बहता था. इससे यहां पर जीवन के लिए एक सही वातावरण के संकेत मिलते हैं. अब मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर इलाके में हुई एक खोज ने इस सवाल को फिर से खड़ा कर दिया है कि क्या अरबों साल पहले मंगल ग्रह पर जीवन था या नहीं.
ब्राइट एंजेल फॉर्मेशन में जीवन के संकेत
जेजेरो क्रेटर के ब्राइट एंजेल फॉर्मेशन इलाके में संभावित जीवन के बारे में कुछ रासायनिक सबूत मिले हैं. इस जगह की खास बात यह है कि यहां हल्के रंग के चट्टाने हैं. इनमें मिट्टी जैसे काफी छोटे-छोटे कण हैं. इस बात का संकेत मिल रहा है कि अरबों साल पहले नदियों और झीलों के वातावरण में ये चट्टानें बनी थीं. जब इन चट्टानों पर ड्रिल किया गया तो यहां से बारीक दाने वाले मडस्टोन का पता चला. इसने ऐसी खनिजों और बनावटों का खुलासा किया जो पृथ्वी पर सूक्ष्मजीवी हरकतों से जुड़े हैं.
नासा के पर्सिवियरेंस रोवर ने इन चट्टानों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की और आयरन ऑक्साइड, फॉस्फोरस, सल्फर और सबसे जरूरी कार्बनिक कार्बन को इसमें पाया. आपको बता दें कि कार्बनिक कार्बन जीवन के लिए काफी जरूरी निर्माण सामग्री है, लेकिन यह उल्का पिंडों के प्रभाव से भी बन सकता है.
कार्बनिक कार्बन का रहस्य
इसी के साथ पर्सिवियरेंस ने जी बॉन्ड का भी पता लगाया है. दरअसल यह कार्बनिक कार्बन की मौजूदगी की तरफ इशारा करता है. यह अपोलो टेंपल नाम की जगह पर सबसे ज्यादा मिला. आपको बता दे यहां पर विवियनाइट और ग्रेनाइट की भी काफी ज्यादा मात्रा थी. हालांकि, कार्बनिक कार्बन की मौजूदगी दिलचस्प तो है लेकिन यह जीवन का पूरा संकेत नहीं देती. दरअसल, इसका सीधा सा मतलब है कि कार्बन-कार्बन के बॉन्ड मौजूद हैं.
क्या जीवन की संभावना है?
इस खोज से दो जरूरी संभावनाएं निकली हैं. पहली तो यह कि यह खनिज और संरचनाएं पूरी तरह से भूवैज्ञानिक प्रक्रिया के जरिए बनी होंगी और दूसरी यह है कि इनको बनाने में सूक्ष्मजीवों का योगदान रहा होगा. चट्टानों में जो सल्फर पाया गया है ज्यादा तापमान में ही बनता है, लेकिन मंगल ग्रह के जिस हिस्से की चट्टानों में यह मिला वहां ऐसी स्थिति का कोई सबूत नहीं है. इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या अरबों साल पहले मंगल की झीलों में सूक्ष्मजीव मौजूद रहे होंगे या नहीं? शोधकर्ताओं का मानना है कि मंगल और पृथ्वी पर एक जैसी ही रासायनिक प्रक्रियाएं हुई थीं, लेकिन मंगल पर अभी भी उसके संकेत मौजूद हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि मिले हुए सबूत जीवन से जुड़े हुए निकले तो यह खोज मानव इतिहास की सबसे बड़ी खोज होगी.
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