पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच भारी तनाव देखा गया है. इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र के मंच पर एक ही दिन दिखाई देंगे. ऑपरेशन सिंदूर के बाद ऐसा पहली बार होगा, जब पीएम नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ किसी एक मंच पर होंगे.
पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के प्रधानमंत्री अगले महीने होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में मौजूद रहेंगे. संयुक्त राष्ट्र की ओर से दिए गए अस्थायी कार्यक्रम के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के नेता एक ही दिन भाषण देंगे. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले बोलेंगे और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ बाद में बोलेंगे. हालांकि इससे पाकिस्तान को रणनीतिक लाभ भी मिल सकता है क्योंकि शहबाज शरीफ को पीएम मोदी की ओर से उठाए गए मुद्दों का जवाब देने का भी मौका मिल जाएगा.
कब होगी UNGA की बैठक?
पाक मीडिया के मुताबिक, शहबाज शरीफ एक हाई लेवल डेलीगेशन के साथ UNGA की बैठक में भाग लेने जाएंगे. उनके साथ विदेश मंत्री इशाक डार, पीएम के विदेश मामलों के सलाहकार तारिक फातमी भी शामिल होंगे, भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो दोनों देशों के प्रधानमंत्री एक ही दिन बोलेंगे.
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की आधिकारिक शुरुआत 9 सितंबर को शुरू होगी. इसमें उच्च-स्तरीय आम बहस 23 से 29 सितंबर तक चलेगी. UNGA का इस वर्ष का विषय ‘एक साथ बेहतर: शांति, विकास और मानवाधिकारों के लिए 80 वर्ष’ है. कार्यक्रम के मुताबिक, UNGA में सबसे पहले ब्राजील बोलेगा. उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे.
पीएम मोदी सुबह, शहबाज शरीफ शाम को बोलेंगे
UN कार्यक्रम के मुताबिक, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सत्र में सुबह बोलेंगे, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इसी दिन शाम को भाषण देंगे. इस दौरान पाकिस्तान एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच से उठा सकता है. वहीं भारत आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साध सकता है.
कब हुआ था ऑपरेशन सिंदूर?
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था. भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे. भारत की ऐसी कार्रवाई से पाकिस्तान कंपकंपा गया था और फिर उसने जवाबी कार्रवाई शुरू की. जिसमें भारत ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया. बाद में पाकिस्तान ने सीजफायर के लिए भारतीय डीजीएमओ से संपर्क किया और फिर दोनों देशों के बीच शांति स्थापित हुई.
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